पुलिस का मिशन 'रक्‍तांजलि' बना जरूरतमंदों का वरदान।
भोपाल/ कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन में मध्य प्रदेश पुलिस ( MP Police ) की लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने और व्यवस्थाओं को स्थापित करने में अहम भूमिका देखने को मिली। इसी मिशन के तहत अब पुलिस का इसमें एक और अध्याय जुड़ गया है। पुलिस जरूरतमंद लोगों को ब्लड डोनेट (blood donation) कर उनकी जान बचाने का भी प्रयास कर रही है। जरूरी संस्थाओं से पुलिस जुड़ी है और जरूरत पड़ने पर स्वेच्छा से पुलिसकर्मी ब्लड डोनेट कर रहे हैं। मिशन की शुरुआत उमरिया जिले से हुई। यहां के एसपी सचिन शर्मा की पहल पर अभी तक कई लोगों की जान बचाई जा सकी है। एसपी के इस मिशन में अब मध्य प्रदेश की मैदानी पुलिस भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है।
इस तरह काम कर रहा है मिशन
उमरिया जिले में पुलिस के मिशन रक्तांजलि की जमकर सराहना हो रही है। पुलिस जिले में कानून और सुरक्षा व्यवस्था तो संभाल ही रही है, साथ ही ये अपना रक्तदान करके लोगों की जान बचाने का प्रयास भी कर रही है। उमरिया पुलिस ब्लड बैंक यूनिट, एनजीओ और अन्य संस्थानों के संपर्क में रहकर जरूरतमंद मरीजों को रक्तदान कर रही है।
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100 से ज्यादा लोगों का बचाया जा चुका है जीवन
हालही में शुरू किए गए मिशन रक्तांजलि में अब तक जिले के 100 से ज्यादा लोगों को रक्तदान कर उनकी जान बचाने का प्रयास किया गया है। नौजोराबाद तहसील में रहने वाली भानमति को ऑपरेशन के दौरान खून की ज़रूरत थी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सूचना मिलते ही सूबेदार अभिषेक जंगेला और उप निरीक्षक वर्षा बैगा अस्पताल पहुंचे ओर जरूरत मंद व्यक्ति को रक्तदान किया।
अन्य जिलों में भी हुई शुरुआत
वहीं आठ साल की साक्षी बैगा को आरक्षक अनंत श्रीवास ने और पीलिया से पीड़ित नौ साल की सीता कोरी के लिए प्रधान आरक्षक अभय प्रताप सिंह ने रक्तदान किया। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि, इस सामाजिक सरोकार से जुड़े संवेदनशील मिशन में पुलिसकर्मी तत्परता से योगदान दे रहे हैं। उमरिया के बाद दूसरे जिलों में भी ये मिशन रफ्तार पकड़ने लगा है।