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मध्य प्रदेश के कॉलेजों में इस साल भी नहीं होंगे छात्र संघ चुनाव, जानिए वजह

राज्य उच्च शिक्षा विभाग ने सभी निजी और सरकारी कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव और युवा उत्सव नहीं कराने का निर्णय लिया है।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 26 Jun 2020, 1:00 AM IST

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मध्य प्रदेश के कॉलेजों में इस साल भी नहीं होंगे छात्र संघ चुनाव, जानिए वजह

भोपाल/ कोरोना वायरस ( coronavirus ) का असर सिर्फ इंसानी स्वास्थ पर नहीं पड़ा है, बल्कि इसका असर इंसानी व्यवस्थाओं पर भी पड़ा है। इसी कोरोना संकट ने उच्च शिक्षा विभाग ( Higher Education Department ) का कैलेंडर भी गड़बड़ा दिया है। इसी के चलते विभाग ने नया शिक्षण सत्र ( Academic Session ) भी आगे बढ़ा दिया है। ऐसे में अब राज्य उच्च शिक्षा विभाग ने सभी निजी और सरकारी कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव ( student union election ) और युवा उत्सव ( youth festival ) नहीं कराने का निर्णय लिया है।

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युवा उत्सव भी हुए कैंसिल

उच्च शिक्षा विभाग के कैलेंडर के मुताबिक, सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में हर साल अगस्त-सितंबर में युवा उत्सव का आयोजित किया जाता है। हर साल की तरह इस साल भी आयोजन होने थे, लेकिन कोरोना संकट के चलते इस साल होने वाले आयोजन कैंसिल कर दिए गए हैं। वहीं, अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित छात्र संघ चुनाव भी इसी के तहत कैंसिल कर दिये गए हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अब तक प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में एडमिशन नहीं हो पाए हैं लिहाजा अब विभाग की प्राथमिकता कॉलेजों में एडमिशन कराने की होगी।

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कोरोना के चलते लिया गया फैसला

यूजीसी की गाइडलाइन के मुताबिक, साल 2020 के सितंबर माह से कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र शुरु किये जाएंगे। लिहाजा इस बार प्रदेश के 49 विश्वविद्यालयों और 1,405 कॉलेजों में एडमिशन प्राथमिकता में है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग प्रदेशभर के 516 सरकारी कॉलेजों और आठ विश्वविद्यालयों में अगस्त-सितंबर में युवा उत्सव का आयोजन कराता है, जिसमें छात्रों को करीब डेढ़ दर्जन विधाओं में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलता है, लेकिन इस साल छात्र इससे संंबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेंगे।

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छात्र संगठनों की मांग उपचुनाव भी न कराए जाए

छात्र संघ चुनाव न कराने को लेकर शिवराज सरकार द्वारा लिये गए फैसले पर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एनएसयूआई की ओर से कहा गया है कि, सरकार मनमाने फैसले ले रही है, कॉलेजों में तो ऑनलाइन वोटिंग कराई जा सकती है लेकिन सरकार की इसे न कराने की मंशा ही रखती है। एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी के मुताबिक, सरकार को अगर कोरोना संक्रमण की वाकई चिंता है, तो वो उपचुनाव भी न कराएं, क्योंकि उसमें संक्रमण का ज्यादा खतरा है। वहीं बीजेपी से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने भी छात्र संघ चुनाव कराने की वकालत की है। एबीवीपी के संगठन मंत्री उपेंद्र तोमर के मुताबिक, जब दूसरे चुनाव हो सकते हैं तो छात्र संघ चुनाव क्यों न हों। उन्होंने कहा कि, एबीवीपी छात्र संघ चुनाव की मांग करेगी।