MLA Anil Singh about UGC उन्नाव के पुरवा विधानसभा से बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने कहा कि सपा ने जब कुलदीप सिंह सेंगर को फंसाया था, तब याद नहीं आई। अब चुनाव के समय उदय राज यादव को कुलदीप सिंह सेंगर भाई नजर आ रहे हैं।
MLA Anil Singh about UGC उन्नाव के पुरवा से विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक अनिल सिंह ने कहा कि सवर्ण समाज देश के लिए लड़ता है और खड़ा रहता है, जिसका बड़ा हृदय है, हजारों साल से गाली खा रहा है। यूजीसी में कौन सी नई बात आ गई है? यदि किसी एससी/एसटी को गालियां मारपीट करोगे तो मुकदमे के हकदार होगे। चाहे किसी ने भी किया हो, इस व्यवस्था को खत्म करके सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य व्यवस्था बनाई है। फिल्मों में ठाकुरों के खिलाफ डायलॉग आते हैं, जिसमें 'ठाकुरों का कुआं' और 'ठाकुरों के खेत' इस तरह से बोला जाता है। विधायक अनिल सिंह असोहा विकासखंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फेसबुक पर कमेंट करने वालों को भी सतर्क किया है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के पुरवा विधानसभा के विधायक अनिल सिंह ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी ने कुलदीप सिंह सेंगर को फंसाया था तब याद नहीं आई थी। अब जब चुनाव आ रहा है तो उदयराज यादव कुलदीप सिंह सेंगर को सगे भाई बता रहे हैं। दरअसल समाजवादी पार्टी के पुरवा विधानसभा से पूर्व विधायक उदयराज यादव ने कुलदीप सिंह सेंगर को निर्दोष बताया था। जिस पर विधायक अनिल सिंह प्रतिक्रिया दे रहे थे।
विधायक अनिल सिंह ने कहा कि अब आरक्षण से क्रीमी लेयर को भी हटाया जा रहा है। आरक्षण का लाभ उसे ही मिलेगा जिसको जरूरत है। सामान्य वर्ग के लोगों को भी 10% आरक्षण दिया गया है। यह ज्ञान वही लोग दे रहे हैं जो किसी काम के नहीं हैं। आप लोग जातिवाद की बातें छोड़कर आगे बढ़ने का काम करो।
अनिल सिंह ने अखिलेश यादव पर कमेंट करते हुए कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया से पढ़ कर आए हैं। उनकी भी बेटी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रही है। हमने पूछा कि वहां जातिवाद है तो बताया यहां कुछ भी नहीं है। भारत के अलावा कहीं भी जातिवाद नहीं है। अनिल सिंह ने कहा कि मैं किसी के फेसबुक पर कमेंट नहीं करता हूं। यदि किसी को अच्छा नहीं लगता है तो वह आगे बढ़ जाए मेरे फेसबुक पर फालतू कमेंट ना करें।
अनिल सिंह ने कहा कि हम सबको खुश करने के लिए नहीं आए हैं। 60 प्रतिशत बने रहे, यही काफी है, बाकी जिसको जो कुछ करना है करें। एससी-एसटी कानून बहुत ही खतरनाक था, लेकिन धीरे-धीरे एससी-एसटी समाज भी जागरूक हुआ और उन्होंने कहा कि फर्जी मुकदमा नहीं लड़ना चाहिए।