Inspection by General Manager, Northern Railway: उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने उन्नाव जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तो अपने आप को तो अपडेट और अप टू डेट कर लिया। लेकिन स्टेशन परिसर में खामियां रह गई।
General Manager of Northern Railway inspects Unnao Junction Railway Station: उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने उन्नाव जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। अमृत भारत योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की, मुख्य गेट पर अतिक्रमण, टूटे फुटपाथ, टेढ़े-मेढ़े पोल को लेकर अधिकारियों की खिंचाई की। रेलवे के आधुनिकीकरण का लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है के सवाल पर उन्होंने कहा कि मालगाड़ियां (goods trains) की संख्या ज्यादा है, जिसकी वजह से गाड़ियों की समय सारणी को रीशेड्यूल नहीं किया जा रहा है। लखनऊ-कानपुर के बीच चलने वाली ट्रेनों के उन्नाव स्टॉपेज न होने पर भी उन्होंने कहा कि इसको देखा जाएगा।
जीएम के आने की खबर से रेलवे अधिकारी सतर्क
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचे उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे के आने के पहले ही उन्नाव स्टेशन की व्यवस्था कर चौबंद कर ली गई थी। सभी अधिकारी और कर्मचारी ड्रेस में थे, टोपी भी दुरुस्त थी, आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी 'अप टू डेट' थे। लेकिन स्टेशन के अंदर और बाहर की व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पाए।
रिजर्वेशन काउंटर के पीछे पानी भरा हुआ था जिस पर जीएम की निगाह नहीं गई। मुख्य मार्ग के दोनों तरफ दुकान अतिक्रमण कर लिया था। इस मौके पर स्टेशन मास्टर और रेलवे पुलिस की क्लास ली। वापसी में पार्किंग स्थल का फुटपाथ टूटा था, जिसे देखकर महाप्रबंधक ने कहा, "अगर नहीं बना सकते हैं तो तोड़कर बराबर कर दें. देखने में अच्छा लगेगा." आगे बढ़े तो एक छोटा फोन 60 डिग्री पर झुका था. स्टेशन मास्टर की तरफ देखकर बोले, "अपने घर में होता तो क्या करते?"
पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि अमृत भारत योजना के अंतर्गत स्टेशन का विकास कार्य हो रहा है। भूमि व्यवस्थाओं के कारण कुछ दिक्कतें आई हैं, लेकिन अब बहुत तेजी से कार्य चल रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक ने कहा कि आप केवल यात्री पैसेंजर को देख रहे हैं। पहले कितनी गाड़ियां चलती थी। आज कितनी गाड़ियां चल रही हैं।
गुड्स ट्रैफिक की संख्या भी बढ़ गई है। यदि हम एक क्षेत्र में टाइम टेबल सही करने का प्रयास करते हैं तो दूसरा सेक्शन उसे स्वीकार करने की स्थिति में नहीं होंगा, तो टाइम टेबल रीशेड्यूल नहीं हो पता है। कॉर्पोरेट व्यू लेते हुए गाड़ियों के समय का निर्धारण होता है। गाड़ियों के उन्नाव में रुकने के संबंध में उन्होंने कहा कि इसको देखा जाएगा जो भी अच्छा होगा वह किया जाएगा।