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उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस: कुलदीप सिंह के भाई को कोर्ट ने नहीं दी राहत, जयदीप सेंगर कल करेंगे सरेंडर

Unnao Custodial Death Case: उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने जयदीप सेंगर को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है।

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Feb 20, 2026
कुलदीप सेंगर (Photo-IANS)

Unnao Custodial Death Case Latest Update: दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में बड़ा फैसला सुनाया है। पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सिंह सेंगर उर्फ अतुल सिंह को कल तक जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया गया है। जयदीप इस केस में कुलदीप के साथ दोषी ठहराए गए हैं और उन्हें 10 साल की सजा हुई है। वे अपनी सजा को सस्पेंड करने और अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग कर रहे थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका पर राहत नहीं दी। उनके वकील ने कहा कि जयदीप कल जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर कर देंगे। कोर्ट ने मामले में स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है।

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उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस क्या है?

यह मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से जुड़ा है। यहां 2017 में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था। आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर थे, जो उस समय बीजेपी विधायक थे। लड़की के पिता ने शिकायत की, लेकिन उन्हें कुलदीप के कहने पर अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में कई चोटें मिलीं, जिसे पुलिस की बर्बरता बताया गया। यह मौत कस्टोडियल डेथ कहलाई। सीबीआई ने जांच की और कुलदीप, उनके भाई जयदीप सिंह सेंगर समेत अन्य लोगों पर केस चला।

जयदीप सिंह सेंगर की सजा और याचिका

मार्च 2020 में दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप और जयदीप को इस केस में दोषी ठहराया। दोनों को 10 साल की सख्त कैद और 10 लाख रुपये जुर्माना हुआ। जयदीप सिंह सेंगर उर्फ अतुल सिंह को मेडिकल ग्राउंड (ओरल कैंसर) पर जुलाई 2024 में अंतरिम जमानत मिली थी। इसे समय-समय पर बढ़ाया गया, लेकिन आखिरी बार मई 2025 तक। अब वे तीन महीने और जमानत बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच जस्टिस नवीन चावला और रविंदर दुदेजा ने आज इस में सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि पहले दी गई अंतरिम जमानत किसी खास समय के लिए थी और उसे बढ़ाने का कोई आदेश नहीं है। इसलिए जयदीप को सरेंडर करना चाहिए। कोर्ट ने साफ कहा कि आपकी अंतरिम जमानत सीमित समय के लिए थी, आपको सरेंडर करना चाहिए था। फाइल में कोई बढ़ोतरी का आदेश नहीं है। जयदीप के वकील ने आश्वासन दिया कि वे शनिवार तक जेल में सरेंडर कर देंगे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते के लिए रखी और स्टेटस रिपोर्ट तलब की।

सीबीआई का रुख और आगे क्या?

सीबीआई ने जयदीप की जमानत बढ़ाने की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल दस्तावेज असली नहीं हैं। यह केस उन्नाव रेप केस से जुड़ा है, जहां कुलदीप को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। पीड़िता ने पिता की मौत के केस में दोषियों की सजा बढ़ाकर मौत की सजा देने की मांग की है, जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।

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Updated on:
20 Feb 2026 01:40 pm
Published on:
20 Feb 2026 01:39 pm
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