
Akhilesh Yadav On Dharmendra Pradhan Resignation: दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, उनके इस्तीफे पर सियासत भी गर्म हो चुकी है। विपक्ष ने इसे छात्रों की बहुत बड़ी जीत बताया है। वहीं, आजमगढ़ पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा है कि इस्तीफा छात्रों के आंदोलन और इंकलाब की वजह से ही दिया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने भी यही मांग की थी कि छात्रों और युवाओं की मांगे मानी जानी चाहिए, जिनमें सबसे पहली मांग थी, केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा। छात्रों को इस बात के लिए बहुत-बहुत बधाई।
अपने एक दिवसीय दौरे पर आजमगढ़ पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिवंगत सपा विधायक आलम बदी आजमी के आवास पहुंच कर उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि दुख की इस घड़ी में समाजवादी पार्टी पूरी तरीके से परिवार के साथ खड़ी है। वहीं, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अखिलेश यादव ने इसे छात्रों की सबसे बड़ी जीत बताया है।
अखिलेश यादव ने कहा, 'जहां यह खबर पहुंची लोगों ने खुशियां मनाई, लेकिन यह जिद क्यों की गई? यह फैसला पहले ही लिया जा सकता था। सरकार ने खुद स्वीकार किया था कि परीक्षा का प्रश्न पत्र लिक हुआ है। कैमरे के सामने आपने खुद इस बात को स्वीकारा था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेन-जी की ताकत को देखते हुए मोबाइल को सीधा करना पड़ा और आधी रात को उन्होंने संदेश जारी किया। यह नई पीढ़ी के लोगों के लिए बड़ी जीत है और सरकार को यह बात समझ लेनी चाहिए की शिक्षा को लेकर सरकार को गंभीरता से सोचना पड़ेगा। पेपर लीक न हो इसके लिए भी ठोस कदम उठाने पड़ेंगे।"
अखिलेश ने कहा, 'यह जो इस्तीफा हुआ है, वह इंकलाब की वजह से हुआ है। यह युवाओं की सबसे बड़ी जीत है। सड़कों पर जिस तरह छात्रों का इंकलाब दिखाई दिया, चाहे वह दिल्ली रहा हो, लखनऊ रही हो, काशी हिंदू विश्वविद्यालय रहा हो या अन्य जगह, जो छात्र और नौजवान परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, युवाओं के इंकलाब से सरकार को झुकना पड़ा।' अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा का ऑडिट किया गया था और इस दौरान 20 पेपर लीक हुए थे। सरकार ने जानबूझकर पेपर लिक कराए ताकि युवाओं को नौकरी ना देना पड़े। नौकरी देने के लिए आरक्षण भी देना पड़ता और आरक्षण की लूट को लेकर भी समाजवादी पार्टी ने ऑडिट किया था।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार को यह निर्णय लेना ही था तो पहले ही छात्रों से इस बारे में बातचीत कर ली होती। सरकार के मंत्री ने इस्तीफा दिया है, अब सरकार के जाने का वक्त आ गया है। यदि कोई कहता है कि समाजवादी पार्टी राजनीति कर रही है तो हम पूरे गर्व से कह रहे हैं कि पार्टी युवाओं के अधिकारों के लिए राजनीति कर रही है और हमेशा ही उन छात्रों के साथ खड़ी रहेगी। छात्रों के ऊपर बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज किया गया यह पूरी तरीके से गलत था। फिलहाल, केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे से ही सब कुछ खत्म नहीं हो जाएगा, सरकार को पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था के साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए।