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धर्मेंद्र प्रधान का दर्द, इस्तीफा देने के बाद बोले- जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को किया गुमराह, खड़ी की बाधा

Dharmendra Pradhan Resignation: जंतर-मंतर पर विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होने इस्तीफे में लिखा कि पिछले 10 दिनों से मेरा मन व्यथित था।
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Dharmendra Pradhan

Resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan

Dharmendra Pradhan Resignation: जंतर-मंतर पर विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होने इस्तीफे में लिखा कि पिछले 10 दिनों से मेरा मन व्यथित था। अपने इस्तीफे में उन्होने जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों पर छात्रों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।

चार दशक से ज्यादा शिक्षा सुधार कार्य के लिए समर्पित

अपने पत्र में, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, चार दशकों से ज़्यादा समय से, मैंने खुद को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित किया है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, सबको साथ लेकर चलने वाला और दूर की सोचने वाला शिक्षा सिस्टम एक मजबूत देश की नींव रखता है। उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की उम्मीदों, भावनाओं और जायज उम्मीदों का बहुत सम्मान करता हूं भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को पूरा करना हमारी राजनीतिक और सामाजिक ज़िंदगी में एक नैतिक कमिटमेंट रहा है। मैं धानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का मौका देने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।

जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने किया गुमराह

इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान का दर्द भी छलका। उन्होने कहा कि की परीक्षा के पेपरलीक होने के बाद सरकार ने नए सिरे से परीक्षा का आयोजन किया। लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह कर कई तरह की बाधाएं खड़ी की।

चार दशक से ज्यादा शिक्षा सुधार कार्य के लिए समर्पित

अपने पत्र में, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, चार दशकों से ज़्यादा समय से, मैंने खुद को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित किया है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, सबको साथ लेकर चलने वाला और दूर की सोचने वाला शिक्षा सिस्टम एक मजबूत देश की नींव रखता है।

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की उम्मीदों, भावनाओं और जायज उम्मीदों का बहुत सम्मान करता हूं भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को पूरा करना हमारी राजनीतिक और सामाजिक ज़िंदगी में एक नैतिक कमिटमेंट रहा है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का मौका देने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।

चार दशक से ज्यादा शिक्षा सुधार कार्य के लिए समर्पित

अपने पत्र में, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, चार दशकों से ज़्यादा समय से, मैंने खुद को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित किया है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, सबको साथ लेकर चलने वाला और दूर की सोचने वाला शिक्षा सिस्टम एक मजबूत देश की नींव रखता है।

उन्होंने कहा, मैं देश के युवाओं की उम्मीदों, भावनाओं और जायज उम्मीदों का बहुत सम्मान करता हूं भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को पूरा करना हमारी राजनीतिक और सामाजिक ज़िंदगी में एक नैतिक कमिटमेंट रहा है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का मौका देने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।