
शहर में पहली जनवरी को लोगों की होने वाली भीड़ में चोरी की नियति से आईं तीन दर्जन महिला चोर और चार पुरुष के साथ ही एक किशोरी भी विभिन्न थानाक्षेत्रों से गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस की इस कारवाई से भीड़ में चोरी करने वाले और ऑटो लिफ्टर गिरोह में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने इनके पास से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है। सभी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेजा गया। वहीं किशोरी को बाल सुधार गृह भेजा गया। पहली जनवरी को पुलिस ने हर थानाक्षेत्र में अपने मुखबिर सक्रिय कर दिए थे, बड़ी संख्या में चोरनी और चोरों की गिरफ्तारी इसी का परिणाम हैं। पुलिस के मुताबिक ये महिलाएं सवारी बनकर ऑटो या टेम्पो में चढ़ती थीं और मौका मिलते ही यात्रियों, खासकर अकेली महिलाओं को निशाना बनाती थीं।
कैंट थाना क्षेत्र में छह महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक चार पहिया वाहन बरामद हुआ। वहीं रामगढ़ताल पुलिस ने तीन पुरुषों, 30 महिलाओं और एक किशोरी को दबोच लिया। इनके पास से पेचकस, चाकू, रबर के नकली सांप-छिपकली, झांग भटकुईयां और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि यह गिरोह शहर और आसपास के जिलों के धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर सक्रिय था। भीड़भाड़ वाले इलाकों से पहले ये लोग अपनी गाड़ी खड़ी कर लेते थे और ऐसे यात्रियों को निशाना बनाते थे, जो कीमती आभूषण पहने होते थे और अकेले सफर कर रहे होते थे। गिरोह की महिलाएं बातों में उलझाकर या झांसा देकर उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लेती थीं। इसके बाद पिन चुभाकर डिस्टर्ब करती थी और फिर नकली सांप-छिपकली दिखाकर डर पैदा करती थीं और इसी दौरान गहने चुरा लेती थीं। कई बार ये ऑटो या टेंपो में सवारी बनकर चढ़ती थीं और रास्ते में ही वारदात को अंजाम देती थीं।
पकड़े गए आरोपियों में मऊ, जौनपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, देवरिया और कुशीनगर जनपदों की महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। पूछताछ में कई अन्य वारदातों में भी इनकी संलिप्तता सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और आगे भी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। पुलिस की इस कारवाई से काफी लोग इनका शिकार होने से बच गए हैं।