लखनऊ

PM-Ajay Yojana: यूपी में SC छात्रों के लिए बड़ा फैसला: 6 आधुनिक हॉस्टल बनेंगे, ₹6.15 करोड़ जारी

PM-AJAY Scheme: उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छह आधुनिक छात्रावास बनाए जाएंगे, पीएम-अजय योजना के तहत पहली किस्त जारी कर गुणवत्तापूर्ण आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

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Mar 27, 2026
अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए यूपी में बनेंगे 6 आधुनिक हॉस्टल: शिक्षा और समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

PM-Ajay Yojana SC Students Under : उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में 6 आधुनिक छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू किया जा रहा है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण रहने और पढ़ाई का वातावरण मिल सकेगा।

यह परियोजना भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से संचालित की जा रही है और इसे प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के अंतर्गत लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत न केवल आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी, बल्कि छात्रों के समग्र विकास के लिए आधुनिक संसाधनों से युक्त परिसर तैयार किए जाएंगे।

पीएम-अजय योजना के तहत वित्तीय स्वीकृति

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इन छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत हेतु कुल ₹12.30 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें से ₹6.15 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य को गति मिल सके। यह पहल सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन छात्रावासों को एक ऐसे शैक्षणिक वातावरण में बदलना है जहां छात्र सुरक्षित, प्रेरणादायक और आधुनिक सुविधाओं के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

चार जिलों में विकसित होंगे आधुनिक छात्रावास

इस योजना के तहत प्रदेश के चार जिलों,जौनपुर, सुल्तानपुर, हाथरस और फिरोजाबाद में छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। जौनपुर, सुल्तानपुर और हाथरस में एक-एक छात्रावास का निर्माण होगा, जबकि फिरोजाबाद में तीन छात्रावास बनाए जाएंगे।

इन जिलों का चयन इस आधार पर किया गया है कि यहां बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं जो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए शहरों में आते हैं और उन्हें उचित आवासीय सुविधा नहीं मिल पाती। नए छात्रावास बनने से इन विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे छात्रावास

सरकार द्वारा प्रस्तावित इन छात्रावासों को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। प्रत्येक छात्रावास में सुसज्जित कमरे, स्वच्छ और आधुनिक मेस, मनोरंजन कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा सुरक्षा के दृष्टिकोण से गार्ड रूम, सीसीटीवी निगरानी और छात्रावास अधीक्षक के लिए आवास की भी व्यवस्था की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इन छात्रावासों को केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि एक समग्र “लर्निंग हब” के रूप में विकसित करना है, जहां विद्यार्थी शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास दोनों में आगे बढ़ सकें।

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि इस परियोजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। निर्माण कार्य के लिए धनराशि SNA (स्पर्श) खाते के माध्यम से जारी की जा रही है, जिससे फंड के उपयोग पर निगरानी रखी जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही, नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास की दिशा में प्रयास

उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए छात्रवृत्ति, कोचिंग, कौशल विकास और आवासीय सुविधाओं जैसे कई कार्यक्रम पहले से संचालित किए जा रहे हैं। इन नए छात्रावासों के निर्माण से न केवल छात्रों को बेहतर वातावरण मिलेगा, बल्कि वे पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। इससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार होगा और वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब छात्रों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलता है, तो वे अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर पाते हैं। यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाएगी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में शामिल करने में भी मदद करेगी। इससे सामाजिक असमानताओं को कम करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी।

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