मेरठ

करोडों की जमीन के लिए आमने-सामने आए भाजपा के दो दिग्गज नेता

भाजपा विधायक और दर्जा प्राप्त मंत्री एक-दूसरे पर साध रहे निशाना संगीत सोम और सुनील भराला गुट में छिड़ी वर्चस्व की जंग
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Jul 08, 2020
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मेरठ (meerut news) भाजपा के दाे गिग्गज नेताओं ( BJP leader) के बीच घमासान मचा हुआ है। मामला करोडों रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर है। इस जमीन के कारण सरधना क्षेत्र से भाजपा विधायक संगीत सोम और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सुनील भराला का विवाद सामने आया है। यह अलग बात है कि, दोनों पर्दे के पीछे से एक-दूसरे पर सियासी वार कर रहे हैं लेकिन इनके समर्थक खुलकर मैदान में हैं।

बता दे कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद से भाजपा में गुटबाजी भीतरखाने चल रही थी, इसका पता नेतृत्व को भी था। सब कुछ पार्टी के अंदर ही जारी था लेकिन अब यह गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के दो स्थानीय धुरंधर समर्थकों के कंधों पर बंदूक रखकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इस लड़ाई में ऑडियो-वीडियो वायरल किए जा रहे हैं जो कि मीडिया और फिर संगठन के शीर्ष तक पहुंचाए जा रहे हैं। सरधना विधायक ठाकुर संगीत सोम और उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला गुट में वर्चस्व की जंग छिड़ी है। दोनों ही पक्षों में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की लड़ाई रोजाना के ऑडियो वार से तेज हो रही है।

ये वजह बनी दोनों दिग्गजों के बीच ठनी की
जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के पिता मुखिया गुर्जर को लॉक डाउन के दौरान पुलिस ने राेक लिया था। इस दाैरान पुलिस के साथ जमकर नोक-झोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें फेसबुक पर जारी एक वीडियो में सुनील भराला के छोटे भाई और किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अजय भराला ने पुलिस पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसे लेकर इंचौली थाने में अजय भराला के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। चर्चा थी कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाला व्यक्ति सरधना विधायक संगीत सोम का समर्थक है। यहीं से सुनील भराला और संगीत सोम के बीच ठन गई।

बेशकीमती जमीन पर कब्जा चाह रहे दोनों गुट
हाईवे पर स्थित लावड़ गांव की बेशकीमती जमीन को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। जमीन पर निर्माण को लेकर एक पक्ष ने विधायक पर जमीन पर कब्जा करने वालों को मदद करने का अरोप लगाया है।
इस पूरे प्रकरण को लाेकर जब भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी से बात की गई ताे उन्हाेंने यही कहा कि, मामला उनके संज्ञान में है। प्रांतीय नेतृत्व को रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।

Updated on:
08 Jul 2020 10:10 pm
Published on:
08 Jul 2020 10:09 pm
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