2026 सूर्य और गुरु का साल है। इस वर्ष अगर आप उत्तर दिशा को सक्रिय रखते हैं, मुख्य द्वार को शुभ बनाते हैं, सूर्यमुखी लगाते हैं, तिजोरी सही दिशा में रखते हैं और किचन को अग्नि तत्व के अनुसार सजाते हैं, तो आपके घर में धन की स्थिति मजबूत, आय में वृद्धि और रुका पैसा वापस मिलने के योग बढ़ जाते हैं।
Vastu Tips 2026: 2026 का आगमन धन, समृद्धि और नए अवसरों की ऊर्जा लेकर आ रहा है। अंकज्योतिष के अनुसार 2026 का कुल योग सूर्य का वर्ष बनाता है, जो प्रतिष्ठा, धन, पावर और सफलता का प्रतीक है। साथ ही यह वर्ष चंद्रमा की लिक्विड मनी ऊर्जा, शुक्र की समृद्धि और शनि की कर्मफल शक्ति के साथ गुरु महाराज की कृपा का संगम लेकर आ रहा है। ऐसे में यदि हम अपने घर के वातावरण को सही वास्तु ऊर्जा के साथ संतुलित कर लें, तो धन का प्रवाह बढ़ता है, रुका पैसा मिलता है और करियर तथा इनकम सोर्स में स्थिरता आने लगती है।
वास्तु में सबसे पहले सूर्य ऊर्जा को घर में सक्रिय करना अत्यंत आवश्यक होता है। उत्तर-पूर्व दिशा में तांबे का सूर्य यंत्र स्थापित करने से न केवल नाम और प्रतिष्ठा बढ़ती है, बल्कि धन का प्रवाह भी स्थिर होता है। रोज़ सुबह सूर्य को जल अर्पित करने के बाद सूर्य यंत्र पर हल्का जल छिड़कने का उपाय सूर्य तत्व को संतुलित करता है, जिससे प्रमोशन, प्रॉपर्टी से जुड़े मामले और अटका हुआ धन गति पकड़ने लगता है।
धन वृद्धि का मुख्य आधार घर की उत्तर दिशा मानी जाती है। यह दिशा कुबेर और लिक्विड कैश की दिशा है। यदि यहां पर रोशनी साफ-सुथरी बनी रहे, कुबेर का चित्र स्थापित हो और एक चांदी या सफेद बर्तन में चावल रखा जाए, तो धन का प्रवाह बढ़ने लगता है। यहां किसी भी प्रकार का भारी सामान, कचरा या टूटे सामान को रखना वास्तु में निषेध माना गया है, क्योंकि यह पैसे रुकने का कारण बनता है। इसी दिशा में जल तत्व की उपस्थिति—फाउंटेन, नीली बोतल में रखा पानी, या चांदी के पात्र में भरा जल—धन को आकर्षित करने का कार्य करता है।
घर का मुख्य द्वार वास्तु में धन का प्रवेश द्वार माना जाता है। यदि यह साफ, रोशन और शुभ रंगों से सजा हो तो धन और अवसर दोनों घर में प्रवाहित होते हैं। मुख्य दरवाजे पर हल्दी-कुमकुम का स्वास्तिक बनाना, लाल या पीले रंग का डोरमैट रखना और त्योहारों पर बंधनवार लगाना वर्षभर शुभ ऊर्जा को बनाए रखता है।
2026 सूर्य और गुरु का साल है, इसलिए सूर्यमुखी का पौधा घर में विशेष रूप से शुभ माना गया है। इसे पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा में रखने से संपत्ति, सफलता और धन के रास्ते खुलते हैं। तिजोरी को दक्षिण-पश्चिम में रखना और उसका मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर रखना भी धन स्थिरता के प्रमुख उपायों में गिना जाता है।