Vastu Tips for Meal on Bed: वास्तु शास्त्र के अनुसार बिस्तर पर बैठकर भोजन करना घर में कंगाली और दरिद्रता को न्योता देता है। ऐसे में वास्तु नियमों को जानकर भोजन करना चाहिए। इस लेख से समझिए, बिस्तर पर खाना क्यों नहीं खाना चाहिए?
Vastu Tips for Meal on Bed: वास्तु शास्त्र के अनुसार बिस्तर पर बैठकर भोजन करना घर में कंगाली और दरिद्रता ला सकता है। ऐसे में वास्तु नियमों का पालन कर ही भोजन करना चाहिए। माना जाता है कि वास्तु शास्त्र के घर और दिनचर्या से जुड़े नियमों को फॉलो करने से सुख-समृद्धि और शांति आती है। इस लेख से समझिए, बिस्तर पर खाना क्यों नहीं खाना चाहिए और बिस्तर पर खाना खाने के नुकसान क्या हैं?
मां लक्ष्मी की नाराजगी: बिस्तर पर खाने से धन की देवी लक्ष्मी नाराज होती हैं, जिससे घर की बरकत जा सकती है और कंगाली का सामना करना पड़ सकता है।
राहु का नकारात्मक प्रभाव: बिस्तर पर अन्न गिरने से राहु दोष बढ़ता है। यह जीवन में अचानक आने वाली बाधाओं और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।
अनिद्रा और मानसिक अशांति: बिस्तर विश्राम की जगह है। वहां भोजन करने से नकारात्मक ऊर्जा आती है, जिससे नींद में खलल पड़ता है और मन अशांत रहता है।
काम में बाधा: वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस आदत से घर में दरिद्रता आती है और व्यक्ति के बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं।
पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करना सबसे सही माना जाता है। यह दिशा लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है।
उत्तर दिशा (North): करियर में सफलता, ज्ञान और धन लाभ की इच्छा रखने वालों को उत्तर दिशा की ओर मुख करके भोजन करना चाहिए।
सुखासन (जमीन पर बैठना): जमीन पर पालथी (पालकी) मारकर भोजन करना सबसे उत्तम होता है। इससे पाचन क्रिया (Digestion) बेहतर होती है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
डाइनिंग टेबल का स्थान: यदि टेबल पर बैठकर खा रहे हैं, तब भी अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर ही रखना चाहिए।
शुद्धता का ध्यान: भोजन से पहले हाथ, पैर और मुंह धो लेना चाहिए। इससे स्वच्छता और सकारात्मकता बनी रहती है।
{अस्वीकृति: उपरोक्त लेख वास्तु मान्यताओं के आधार पर लिखा गया है। हम इसकी पूर्ण सटीकता का दावा नहीं करते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए वास्तु विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।}