Vastu Tips for Home: जूते-चप्पल रखने के लिए घर में एक निश्चित दिशा का पालन करना बेहद जरूरी है। सही स्थान पर रखने से जहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, वहीं गलत दिशा आपके बजट और सुख-शांति दोनों को प्रभावित कर सकती है।
Vastu Tips for Home: घर में बढ़ता खर्च, बेवजह की परेशानियां और मानसिक अशांति कई बार हमारी छोटी-छोटी गलतियों का परिणाम होती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार जूते-चप्पल जैसी सामान्य चीजों का भी घर की ऊर्जा पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अगर इन्हें गलत दिशा में रखा जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है, जिससे धन हानि और कलह की स्थिति बन सकती है।इसलिए इस छोटी सी आदत को सुधारकर आप बड़े नुकसान से बच सकते हैं। वास्तु ज्योतिषी पं. शैलेन्द्र पांडेय से जानिए हल।
वास्तु (Vastu Tips) के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, घर की सबसे पवित्र दिशा मानी जाती है। यह स्थान सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है और इसे देवताओं का स्थान भी माना गया है। ऐसे में इस दिशा में गंदे या इस्तेमाल किए हुए जूते-चप्पल रखना अशुभ माना जाता है। इससे घर की पवित्रता प्रभावित होती है और मानसिक तनाव, कलह तथा आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
जूते-चप्पलों (Footwear vastu tips for home) को रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यदि आप घर के प्रवेश द्वार पर शू-रैक रखना चाहते हैं, तो इसे मुख्य दरवाजे के बाईं ओर यानी दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखें। इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बाधित नहीं होती और संतुलन बना रहता है।
जूते-चप्पल को कभी भी इधर-उधर बिखरा हुआ नहीं छोड़ना चाहिए। इन्हें हमेशा एक निर्धारित स्थान पर, बेहतर हो कि बंद अलमारी या शू-रैक में रखें। इससे घर साफ-सुथरा दिखता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात के समय बिखरे हुए जूते-चप्पल मानसिक अशांति और नींद में बाधा पैदा कर सकते हैं। सोने से पहले उन्हें समेटकर एक जगह व्यवस्थित रखें और संभव हो तो ढककर रखें।
घर में लंबे समय तक पुराने, फटे या खराब जूते-चप्पल रखना भी नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। समय-समय पर इन्हें हटाते रहना चाहिए, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।