Vastu Tips For Water पानी तो आप सब के घर में रहता ही होगा,लेकिन क्या आप जानते हैं वास्तु के अनुसार पानी की सही दिशा अगर नही तो जान लें...
Vastu Tips For Water: जल हमारे जीवन जीवन में जितना महत्व है, उतना ही वास्तु शास्त्र में। वास्तु के अनुसार घर में पानी सही दिशा में ही रखना चाहिए, यह न केवल सुख-समृद्धि बढ़ाने में सहायक होता है बल्कि इसके लिए गलत दिशा का चयन आर्थिक और मानसिक परेशानियां भी बढ़ा सकता हैं। आइए जानते है वास्तु के अनुसार घर में पानी की सही दिशा...
वास्तु शास्त्र में पंच तत्वों अग्नि, जल, वायु, आकाश और पृथ्वी के लिए अलग-अलग दिशाएं निर्धारित हैं। आइए जानते है वास्तु के अनुसार घर में पानी की सही दिशा क्या है...
वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि का स्थान माना गया है। इसलिए घर में इस दिशा में पानी से जुड़ी कोई भी चीज, जैसे कि पानी की टंकी या बोरिंग, नहीं रखनी चाहिए। अग्नि और जल के तत्व का आपस में मेल नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है, जिसे वास्तु दोष माना जाता है। ऐसा करने से घर के सदस्यों को धन हानि, मानसिक तनाव और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में भी पानी की टंकी या बोरिंग रखने से बचना चाहिए। इन दिशाओं में जल तत्व को रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है, जिससे घर में स्थिरता की कमी होगी और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए घर में पानी से संबंधित कोई भी व्यवस्था करने से पहले एक बार वास्तुविदों सलाह अवश्य लें।
वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी की टंकी या बोरिंग के लिए सबसे उचित दिशा ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा है। यह दिशा जल तत्व के लिए सबसे अनुकूल मानी गई है, जो कि घर के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती है। उत्तर और पूर्व दिशा भी पानी रखने के लिए शुभ मानी जाती हैं। पानी की टंकी, बोरिंग, या पानी से जुड़े अन्य बर्तन इन दिशाओं में रखने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और वास्तु दोष से बचाव होता है।
पानी से भरे बर्तनों के लिए पूर्व और उत्तर दिशा को शुभ माना गया है। पानी से भरे बर्तन जैसे कि घड़े, बाल्टी आदि इन दिशाओं में रखने से घर में शांति और खुशहाली आती है। इसके विपरीत यदि पानी से भरे बर्तन गलत दिशा में रखे जाते हैं तो यह आपके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
वास्तु शास्त्र में यह भी माना गया है कि घर में कोई भी नल टपकता हुआ नहीं होना चाहिए। नल का टपकना वास्तु दोष का संकेत माना जाता है, जिससे घर में आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ध्यान रखें कि पाइपलाइन में किसी तरह का लीकेज न हो। टपकते हुए नल या पाइप का लीकेज न केवल पानी की बर्बादी करता है बल्कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है। यह आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है और घर में अशांति भी उत्पन्न कर सकता है।
वास्तु शास्त्र में नल से टपकते पानी को अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में दरिद्रता का वास और भुखमरी की स्थिति पैदा होती है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि घर में नहाने की व्यवस्था पूर्व दिशा में न रहे वर्ना इससे मानसिक परेशानियां बढ़ती हैं।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।