
Vastu Tips For Purse: अक्सर लोग गुड लक और सकारात्मक ऊर्जा के लिए अपने पर्स में देवी-देवताओं की तस्वीर रखते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से धन की कमी नहीं होती और बुरी नजर से भी बचाव होता है। लेकिन क्या वास्तु शास्त्र भी इस मान्यता का समर्थन करता है, या फिर इसे अशुभ माना गया है? आइए जानते हैं क्या कहते हैं वास्तु नियम।
वास्तु शास्त्र के अनुसार देवी-देवताओं को हमेशा स्वच्छ और स्थिर स्थान पर स्थापित करना चाहिए। पर्स एक ऐसी वस्तु है जिसे हम हर जगह लेकर घूमते हैं कभी जेब में, कभी बैग में, कभी टेबल पर तो कभी अन्य स्थानों पर। कई बार यह अनजाने में जमीन पर भी रख दिया जाता है।ऐसी स्थिति में देवी-देवताओं की तस्वीर का सम्मान पूर्ण रूप से नहीं हो पाता। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है और आर्थिक अड़चनें भी आ सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि भगवान की तस्वीर को घर के मंदिर या पूजा स्थल में ही स्थापित किया जाए।
अगर आप चाहते हैं कि आपके पर्स में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और धन का प्रवाह स्थिर रहे, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ शुभ वस्तुएं रखी जा सकती हैं। मोर पंख को शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जबकि अक्षत (साबुत चावल) समृद्धि और पूर्णता का संकेत देते हैं। श्रीयंत्र को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जिसे पर्स में रखने से धन वृद्धि की मान्यता है। वहीं हल्दी की गांठ बृहस्पति और समृद्धि से जुड़ी मानी जाती है, इसलिए इसे रखना भी शुभ समझा जाता है। इन सभी वस्तुओं को साफ कपड़े या कागज में लपेटकर पर्स में रखना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार रंगों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है और पर्स का रंग भी धन, भाग्य तथा आर्थिक स्थिरता से जुड़ा माना जाता है। हरा रंग विकास और उन्नति का प्रतीक है, पीला धन और ज्ञान से संबंध रखता है, भूरा रंग स्थिरता और संतुलन का संकेत देता है, जबकि लाल रंग ऊर्जा, आकर्षण और सकारात्मक सक्रियता का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए पर्स चुनते समय रंगों का चयन सोच-समझकर करना शुभ माना जाता है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार काले और गहरे नीले रंग के पर्स को धन के मामले में बहुत शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि ये रंग आर्थिक अस्थिरता या अनावश्यक खर्च को बढ़ावा दे सकते हैं, इसलिए पर्स चुनते समय ऐसे रंगों से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यह मान्यता आस्था पर आधारित है और व्यक्तिगत विश्वास के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।
अगर आपने पहले से पर्स में देवी-देवताओं की तस्वीर रखी हुई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सम्मानपूर्वक उस तस्वीर को निकालकर घर के मंदिर में स्थापित कर दें। अगर तस्वीर पुरानी या क्षतिग्रस्त हो गई है, तो उसे किसी मंदिर में रख आएं या बहते जल में प्रवाहित कर दें।