वास्तु टिप्स

राशिनुसार जानें संतान सुख पाने का उपाय, मेष से मीन तक किस राशि को मिलेगा संतान का सहयोग?

ज्योतिष के अनुसार, संतान से सुख राशि पर निर्भर करता है। सही मंत्र, पूजा और उपासना से संतान के साथ रिश्ते बेहतर बनाए जा सकते हैं। अगर संतान से सहयोग या सम्मान नहीं मिल रहा, तो धैर्य के साथ आध्यात्मिक उपाय अपनाना लाभकारी होता है।

2 min read
Jan 14, 2026
pc: gemini generated

संतान का होना और संतान से सुख मिलना—ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। कई बार जीवन में संतान तो होती है, लेकिन उनसे अपेक्षित सहयोग, सम्मान और भावनात्मक सुख नहीं मिल पाता। ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की राशि का प्रभाव उसकी संतान के स्वभाव, व्यवहार और माता-पिता के साथ रिश्तों पर पड़ता है। आइए जानते हैं, आपकी राशि के अनुसार आपको संतान से जीवन में कितना सुख मिल सकता है और किन उपायों से इसमें सुधार संभव है।

ये भी पढ़ें

घर में ये 3 तस्वीरें लगते ही खुल जाते हैं तरक्की के रास्ते, बदल जाएगा आपका भाग्य

मेष राशि (Aries)

मेष राशि वालों को संतान से मिला-जुला सुख मिलता है। एक संतान सहयोगी होती है तो दूसरी से परेशानियां मिल सकती हैं, लेकिन कुल मिलाकर बड़ी समस्या नहीं होती। संतान से सुख बढ़ाने के लिए रोज सुबह 108 बार “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र का जप लाभकारी माना जाता है।

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि के जातकों को संतान से सुख कठिनाई से मिलता है। संतान का स्वास्थ्य या स्वभाव चिंता का कारण बन सकता है। ऐसे में प्रतिदिन सुबह “ॐ बुं बुधाय नमः” का जप संतान पक्ष को मजबूत करता है।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि वालों की संतान कम लेकिन योग्य और जिम्मेदार होती है। हालांकि संतान अक्सर माता-पिता से दूर रहती है। रोज सुबह 108 बार “नमः शिवाय” का जप करने से संतान से सुख और तालमेल बेहतर होता है।

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि के लोगों को संतान से सुख मिलने में संघर्ष करना पड़ता है। पुत्री संतान से मतभेद और बुढ़ापे में दूरी देखी जाती है। हर मंगलवार हनुमान जी को सिंदूर या लाल फूल अर्पित करने से लाभ होता है।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि की संतान योग्य और जिम्मेदार होती है, लेकिन करियर के कारण साथ नहीं रह पाती। पिता-पुत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। नियमित रूप से विष्णु सहस्त्रनाम पाठ करने से संबंधों में सुधार आता है।

कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि वालों को संतान से सुख और सहयोग कम मिलता है। शनिवार शाम पीपल के नीचे दीपक जलाना और परिक्रमा करना शुभ माना गया है।

तुला राशि (Libra)

तुला राशि की संतान सामान्य होती है और माता-पिता पर अधिक निर्भर रहती है। संतान से सहयोग पाने के लिए नियमित शनि मंत्र का जप उपयोगी है।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि वालों को पुत्रियों से सहयोग और पुत्रों से मतभेद देखने को मिलते हैं। श्रीमद्भागवत पाठ संतान सुख बढ़ाने में सहायक है।

धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि की संतान तेजस्वी होती है लेकिन माता-पिता की उपेक्षा कर सकती है। हनुमान चालीसा का नियमित पाठ संबंधों में सुधार लाता है।

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि वालों को संतान से सम्मान और सहयोग मिलता है, पर किसी एक संतान से मतभेद संभव है। भगवान शिव की उपासना लाभ देती है।

कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि की संतान उन्नत और प्रभावशाली होती है, लेकिन वैचारिक मतभेद अधिक होते हैं। भगवान कृष्ण की भक्ति से संतान सुख में वृद्धि होती है।

मीन राशि (Pisces)

मीन राशि वालों को संतान से सामान्य सुख मिलता है, पर तालमेल कमजोर रहता है। हर सोमवार का उपवास संतान पक्ष को मजबूत करता है।

सामान्य उपाय (General Remedy for Child Happiness)

अगर आपकी राशि ज्ञात नहीं है या कुंडली उपलब्ध नहीं है, तो रोज सुबह “श्री रामचंद्र कृपालु भज मन” स्तुति का पाठ करें और हर गुरुवार शिवलिंग पर पीला फूल अर्पित करें। इससे संतान से सुख और सहयोग मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

ये भी पढ़ें

Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर 100 साल बाद बुधादित्य राजयोग, किन राशियों को होगा फायदा?

Published on:
14 Jan 2026 10:57 am
Also Read
View All

अगली खबर