
UP Politics News: वाराणसी के शिवाला इलाके में सीवर के मेन होल से बालू से भरी बोरियां मिलने का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है। बोरियों के बरामद होने के बाद मेयर अशोक तिवारी ने विपक्ष पर सवाल उठाए थे। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इलाके में हुए जल भराव की तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा था। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सोमवार को वाराणसी के शिवाला इलाके में पहुंचे और मेन होल खोलकर उसका जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अजय राय ने कहा कि जिस जगह पर मेन होल स्थित है, वहीं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसका संचालन त्रिनेत्र कमांड सेंटर से किया जाता है। ऐसे में नगर निगम को इस बात की जानकारी करने में इतना दिन का समय क्यों लग रहा है कि बोरियां किसने रखी थी। उन्होंने बीजेपी की सरकार पर जमकर हमला बोला। अजय राय ने कहा कि सरकार और बीजेपी के लोग जानबूझकर विपक्ष का नाम ले रहे हैं और बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। अजय राय ने मांग की है कि मेन होल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सार्वजनिक किया जाए और दिखाया जाए कि उसमें बोरिया किसने डाली थी।
अजय राय ने आरोप लगाया है कि 12 सितंबर को अधिशासी अभियंता ने भेलूपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन अभी तक आरोपी पकड़ा नहीं जा सका है। बीजेपी के लोग केवल विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष और कांग्रेस इस मामले में दोषी है तो वह तैयार हैं, उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए। अजय राय ने आरोप लगाया कि मेन होल में बोरियों को भाजपा के लोगों ने ही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोगों ने ही डलवाया था।
अजय राय ने आरोप लगाया है कि यह लोग प्रतिदिन नालियां और मैनहोल जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का वादा करके उसकी पूजा पाठ और शिलान्यास कर रहे हैं, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से वह काशी की जनता को मूर्ख बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से वाराणसी में मेयर भी बीजेपी का है, सभी विधानसभा सीटों पर विधायक भी बीजेपी के ही है, ऐसे में शहर की इस तरह की दुर्दशा कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वाराणसी से सांसद है और उनके संसदीय क्षेत्र में इस तरह का हाल है कि कुछ कहा नहीं जा सकता। अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सरकार और बीजेपी के लोग किस हद तक जा सकते हैं उसका यह प्रत्यक्ष प्रमाण है।