
Arnab Cyclone: अर्नब चक्रवात का असर काशी में भी देखने को मिल रहा है। गुरुवार की सुबह 4 बजे से शुरू हुई बरसात रुकने का नाम नहीं ले रही है और शुक्रवार की सुबह तक लगातार हल्की बारिश ने अक्टूबर महीने में ही ठंड का एहसास कर दिया है। आलम यह है कि केवल 24 घंटे के अंदर ही तापमान 8 डिग्री तक पर गिर चुका है। अधिकतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे आकर 24. 5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। बता दे कि बुधवार को वाराणसी का तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस था। तापमान में गिरावट के कारण गुरुवार और शुक्रवार की सुबह सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग की माने तो वाराणसी उत्तर प्रदेश का सबसे ठंडा जनपद बन गया है। यहां दिन और रात में सिर्फ तीन डिग्री तापमान का ही अंतर बचा हुआ है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, 24 घंटे लगातार हुई बारिश के बाद लोगों की कंपकपी छूट गई है। दिनभर रुक-रुक कर हो रही बारिश 2 मिलीमीटर तक दर्ज की गई है। गुरुवार की सुबह से लेकर शाम और फिर शुक्रवार की सुबह भी आसमान में बादल छाए हुए हैं और लगातार बारिश का दौर जारी है। यहां हवा भी 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। बे मौसम हुई बारिश के कारण लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है और सड़कों पर पसरे कीचड़ ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। वहीं, घाटों का आलम भी कीचड़नुमा हो चुका है। गंगा किनारे बने सभी 84 घाटों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
डॉ. अतुल के मुताबिक, अर्नब चक्रवात का असर शुक्रवार की शाम से कम हो जाएगा और मौसम वापस अपने पूर्व की अवस्था में लौटने लगेगा। हालांकि, इस बीच सिहरन बढ़ने से ठंड का एहसास होगा। काशी के अलावा गाजीपुर, सोनभद्र चंदौली, बलिया इत्यादि जिलों में भी गुरुवार की सुबह से बारिश हो रही है। इसके साथ ही शुक्रवार को भी आंधी, बिजली चमकने और बादल गरजने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका असर वाराणसी में भी देखने को मिलेगा। हालांकि अनुमान जताया गया है कि शनिवार की सुबह खिली धूप तापमान को सामान्य करने में मददगार साबित होगी।
चक्रवात के कारण और मौसम विभाग के अलर्ट किए जाने के बाद गंगा घाट पर नाव के संचालन में सतर्कता बरती जा रही है। यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने छोटी नाव के संचालक को फिलहाल बंद कर दिया है। वहीं, बड़ी नाव का संचालन भी मौसम की स्थिति को देखते हुए किया जा रहा है। मांझी समाज के विनोद निषाद ने बताया कि हालांकि चक्रवात का प्रभाव अपेक्षा से वाराणसी में काम है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से नविको को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए या फैसला लिया गया है कि जिला प्रशासन के अगले आदेश तक नाव का संचालन बंद रखा जाएगा। सभी नावों को घाट के किनारे सुरक्षित रूप से बांधकर रखा गया है।