BHU news: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के परिसर में चल रहे डालमिया छात्रावास के मेस में खाने में मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आया है…
Lizard in BHU hostel food: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के परिसर में छात्रावास के मेस में सब्जी में मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आया है। उसके बाद छात्रों ने आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जा रहा है कि छात्रों को आक्रोषित होता देख मेस के कर्मियों ने वार्डन को सूचना दी। वार्डन की सूचना के बाद मौके पर प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्य भी पहुंच गए हैं और छात्रों को समझने का प्रयास जारी है।
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कैंपस में डालमिया छात्रावास में छात्र दोपहर का खाना खाने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान छात्रों को परोसी जा रही सब्जी में मरी हुई छिपकली मिली। उसके बाद छात्र आक्रोशित हो उठे और अपनी अपनी थाली उठाकर फेंकने लगे। छात्रों का आक्रोश बढ़ने लगा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान छात्रावास से कुछ और छात्र भी मेस पहुंचे और हंगामा करने लगे।
हंगामा को बढ़ता देख मेस में कार्यरत कर्मचारियों ने इसकी सूचना छात्रावास के वार्डन को दे दी। वहीं सूचना के बाद मेस में पहुंचे वार्डन ने छात्रों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र उग्र होने लगे। इसके बाद वार्डन ने प्रोक्टोरियल विभाग के सुरक्षा कर्मियों को इसकी सूचना दे दी। वहीं वार्डन की सूचना के बाद मौके पर प्रोक्टोरियल विभाग के सुरक्षाकर्मी पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है की सुरक्षा कर्मी छात्रों को शांत करने में जुटे हुए हैं।
जैसे ही डालमिया छात्रावास के अन्य छात्रों को इस बारे में जानकारी हुई, वैसे ही कई छात्र मेस पहुंच गए। वहीं, खाना खाने के लिए बैठे हुए कई छात्र खाना छोड़ दिए और हंगामा करने लगे। छात्रों ने आरोप लगाया है कि मेस में काम करने वाले लोग साफ सफाई का ध्यान नहीं रखते, जिसकी वजह से खाने में छिपकली गिरकर मर गई और वही खाना छात्रों को भरोसा जा रहा था। छात्रों ने बताया है कि यदि इस बात की जानकारी उन्हें नहीं हो पाती तो वह इस खाने को खाकर बीमार हो सकते थे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी छात्र कई बार साफ सफाई और खाने की गुणवत्ता को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। कई बार छात्रों को इस बारे में आश्वासन भी दिया गया है, लेकिन इस तरह से खाने में मरी हुई छिपकली मिलने के बाद छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। वहीं, प्रोक्टोरियल विभाग ने कहा है कि इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरीके से छात्रों की मदद करने को तैयार है।