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Gyanwapi mosque varanasi : वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के महीने में ज्ञानवापी परिसर में नमाज पढ़ने पर रोक लगाए जाने की मांग करते हुए शिवसेना ने मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखा है। शिव सैनिकों ने तर्क दिया है कि सावन का महीना पवित्र और भगवान शिव को समर्पित होता है, ऐसे में लाखों की संख्या में शिवभक्त श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन करने पहुंचते हैं। वहीं, ज्ञानवापी परिसर में नमाज पढ़े जाने के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पत्र के माध्यम से शिव सैनिकों ने बताया है कि सावन के महीने में देश के अलग-अलग कोनों से लाखों की संख्या में कावड़िए जल चढ़ाने बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचते हैं। इसलिए पूरे सावन महीने तक ज्ञानवापी परिसर में नमाज पढ़ने पर रोक लगाई जानी चाहिए। शिवसेना ने समानता का हवाला देते हुए कहा है कि श्रृंगार गौरी में नियमित दर्शन पूजन की अनुमति नहीं है, साल में केवल एक बार ही उनके दर्शन पूजन की अनुमति दी जाती है। ऐसे में पवित्र सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर भी पूर्णतः रोक लगाई जानी चाहिए।
शिवसेना के पदाधिकारी ने बताया है कि सामूहिक रूप से ज्ञानवापी परिसर में नमाज अदा किए जाने से शिव भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत होती है और तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। शिवसेना ने कहा है कि कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए और आपसी सौहार्द बनाए रखने को लेकर भी इस बारे में विचार किया जाना चाहिए।
वहीं, शिवसेना ने पत्र के माध्यम से मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मांग की है कि सावन माह में दूसरे शुक्रवार को शिव सैनिक बड़ी संख्या में परंपरागत रूप से कार सेवा के बाद बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में जलाभिषेक और स्पर्श दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुछ वर्षों से ना तो मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है ना ही स्पर्श दर्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही इस रोक का कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया है। शिवसेना ने मांग की है कि मंदिर प्रशासन पूर्व की व्यवस्था लागू करते हुए स्पर्श दर्शन की सुविधा शिव सैनिकों को उपलब्ध कराए।
Updated on:
17 Jul 2026 12:45 pm
Published on:
17 Jul 2026 12:45 pm
