
वाराणसी: विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस कार्य में लगे बीएलओ संग बैठक कर फीडबैक भी लिया और उन्हें जरूरी निर्देश भी दिए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने यूपी में पंचायत चुनाव कब होगा इसको लेकर कोई जवाब नहीं दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयोग ने यूपी में एसआईआर को लेकर 27 अक्टूबर को घोषणा की और 4 नवंबर से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को इसकी ड्राफ्ट सूची पब्लिश्ड हुई है, जिसमें 12,55,56,025 वोटर के नाम आए थे। इस गणना चरण में जब हमने इसे शुरू किया था तो लगभग 2 करोड़ 88 लाख ऐसे नाम थे जो 27 अक्टूबर की लिस्ट में थे लेकिन 6 जनवरी की ड्राफ्ट लिस्ट में उनका नाम नहीं था।
उन्होंने बताया कि नाम हटने के कई कारण हो सकते हैं जिसमें ऐसे वोटर भी हैं जिनकी मृत्यु हो गई, जिनका नाम एक से अधिक बार था, जिन्होंने अपना आवास कही और शिफ्ट कर लिया। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे वोटर भी थे जो पते पर मिले ही नहीं।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की तरफ से हर साल ड्राफ्ट लिस्ट जारी की जाती है ताकि लोगों को पता चल सके कि इस लिस्ट में किसका नाम है या नहीं। यह ड्राफ्ट लिस्ट दावे और आपत्ति के लिए होती है। 6 जनवरी को ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश की गई तो दावे और आपत्ति के लिए हमने 1 महीने का समय रखा था, जिसकी अवधि 6 फरवरी को समाप्त हुई, लेकिन उसी दौरान देखा गया कि बड़ी संख्या में फॉर्म 6 भरे जाने लगे।
राजनीतिक दलों की मांग थी कि इसकी अवधि को बढ़ाया जाना चाहिए, जिसके बाद इसकी अवधि को 6 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया। कोई भी भारत का नागरिक जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला हो यदि उसका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आया है तो वह फार्म 6 भर सकता है। दूसरा जो 12 करोड़ 55 लाख 56025 नाम 6 जनवरी की लिस्ट में आए थे उनमें से 1.4 करोड़ के आसपास ऐसे लोग थे जिन्होंने अपना गणना पत्र हस्ताक्षर करके दिया तो उसमें पिछले एसआईआर में अपनी एंट्री या अपने माता-पिता या अपने ग्रैंडपेरेंट्स की एंट्री मिलान करना था और उन्होंने ऐसा नहीं किया। ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव में वोटरों की संख्या को लेकर कहा कि पंचायत चुनाव में वोटरों की संख्या को लेकर गणना का चरण थोड़ा लंबा था। पंचायत चुनाव में नए वोटर ज्यादा जोड़े गए। हमारी प्रक्रिया अभी जारी है और जब फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी तब दोनों के बीच तुलना की जाएगी। दोनों की प्रक्रिया भी अलग-अलग है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होंगे पूछे जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया।