Varanasi News: DM के पास दालमंडी के दुकानदार पहुंचे। इस दौरान व्यापारियों ने मांग की है कि दुकानें खाली कराने या ध्वस्त करने से पूर्व उन्हें वैकल्पिक स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए।
Varanasi News: पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी दालमण्डी के मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से मुलाकात कर और ज्ञापन सौंपकर पुनर्वास एवं मुआवजे की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि मार्ग चौड़ीकरण की जद में उनकी पुश्तैनी दुकानें आ रही हैं, जिन पर पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से उनका व्यवसाय संचालित हो रहा है।
व्यापारियों ने बताया कि दालमण्डी क्षेत्र में स्थित उनकी दुकानें उनके पूर्वजों द्वारा स्थापित की गई थीं और इन्हीं दुकानों से होने वाली आय से उनके परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, शादी-विवाह, इलाज तथा अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियां पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से दुकानें खाली करने और ध्वस्तीकरण की नोटिस दी गई है, जिससे व्यापारियों और उनके परिवारों में गहरी चिंता व्याप्त है।
व्यापारियों ने मांग की है कि दुकानें खाली कराने या ध्वस्त करने से पूर्व उन्हें वैकल्पिक स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए अथवा उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उनका कहना है कि बिना पुनर्वास या मुआवजे के उनकी आजीविका का एकमात्र साधन समाप्त हो जाएगा, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेने और प्रभावित परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो वे आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे।
दरअसल, सरकार की मंशा है कि दालमंडी चौड़ीकरण करके विश्वनाथ मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम रास्ता बनाया जाए जिसकी चौड़ाई 17. 4 मीटर होगी। इस रास्ते पर ग्रीनरी और पाथवे का भी निर्माण किया जाना है और यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसी को लेकर दालमंडी की सकरी गलियों को तोड़कर 17.4 मी का रास्ता बनाया जा रहा है। इस मार्ग को बनाने के लिए 187 भावनाओं को तोड़ा जाना है जिसमें कई दुकानें भी शामिल हैं। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण की जद में 6 धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं, उन्हें भी हटाया जाना है।