वाराणसी के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में एक छात्र की पिटाई से हुई मौत का मामला सामने आया है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र के सिर में लगी गंभीर चोट आई है।
वाराणसी के सारनाथ बुद्धा सिटी कालोनी में स्थित जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में शुक्रवार को BHU से MA कर रहे छात्र की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, छात्र की मौत मारपीट के कारण हुई है। इस मामले में सारनाथ पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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जानकारी देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना ने बताया कि जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए GIC इंटर कॉलेज सैयदराजा की प्रिंसिपल प्रतिभा गोस्वामी ने अपने पुत्र आदित्य गोस्वामी, जो बीएचयू में एंथ्रोपोलॉजी में एमए का छात्र था, उसे 19 हजार रुपये प्रतिमाह के पैकेज पर 27 दिसंबर को भर्ती कराया था।
इसके बाद परिजनों ने कई बार केंद्र पर मिलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। पुलिस की जांच में पता चला कि नशा मुक्ति केंद्र का संचालन युवराज सिंह करता है, जो विशुनपुर कला थाना सकलडीहा, चंदौली का रहने वाला है। युवराज के साथ कुमार सौरभ और जितेंद्र गुप्ता भी इस केंद्र में काम कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक पता चला कि यहां भर्ती लोगों से आए दिन मारपीट की जाती थी, जब आदित्य भी यहां एडमिट हुआ उसके साथ भी यही काम शुरू किया गया। इतना ही नहीं उसे अपने मां और अन्य लोगों से भी मिलने ने नहीं दिया जाता था। फिर अचानक शुक्रवार को आदित्य के घर फोन गया कि उसकी तबियत खराब होने से मौत हो गई है। परिजन जब पहुंचे आदित्य के शरीर पर कई जगह गंभीर चोट के निशान थे।
आक्रोशित परिजनों ने आदित्य का यह हाल देख काफी हंगामा भी किया इसके बाद हरकत में आए पुलिस अधिकारियों ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट किया गया है कि छात्र की मौत का कारण सिर में लगी गंभीर चोट है।
शनिवार को सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना और उनकी पुलिस टीम ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक युवराज सिंह, कुमार सौरभ और जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया, आरोपियों के कब्जे से मारपीट में इस्तेमाल किए गए दो पाइप भी बरामद किए गए हैं।गिरफ्तार टीम में थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी, उपनिरिक्षक राहुल यादव और सौरभ शामिल थे। फिलहाल इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की पोल खोलकर रख दी है।