आरटीएस के लिए सर्वे हो चुका पूरा, सितम्बर में जमीन पर उतर सकती है योजना
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदी क्षेत्र बनारस में देश में अपनी तरह की पहली योजना लागू करने की तैयारी की गयी है। आरटीएस के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और योजना को अब सितम्बर में लागू किया जा सकता है। योजना सफल हुई तो अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकती है। फिलहाल बनारस में इस योजना को लागू करने की तैयारी शुरू हो गयी है।
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बनारस की सबसे बड़ी समस्या में से एक ट्रैफिक जाम है। दुनिया के प्राचीनतम शहर की सड़के व गली संकरी है, जिस पर लगातार ट्रैफिक का लोड बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों को इस समस्या से कुछ हद तक मुक्ति दिलाने के लिए इलेक्ट्रनिक रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ई-आरटीएस) लागू करने की तैयारी है। कमिश्रर दीपक अग्रवाल ने इसके लिए विभिन्न विभागों की एक टीम बनायी थी और टीम ने सर्वे करके अपनी रिपोर्ट दे दी है जिसमे आरटीएस को लागू करने में परेशानी नहीं होने की बात कही गयी है। अब कमिश्रर ने सिंचाई विभाग को कॉरीडो निर्माण, पीडब्ल्यूडी को सड़क व ई-रिक्शा के लिए कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी दी गयी है।
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वरुणा कॉरीडोर पर दौड़ेंगे ई-रिक्शा, कहचरी से राजघाट की दूरी होगी आसान
प्रोजेक्ट के तहत वरुणा नदी किनारे बनाये गये वरुणा कॉरीडोर पर ई रिक्शा का संचालन किया जायेगा। कचहरी से राजघाट तक ई-रिक्शा चलने से लोगों को कम किराया व कम समय में इस रुट पर सफर करने की सुविधा मिल जायेगी। योजना के प्रथम चरण में कचहरी से पुराना पुल तक ई-रिक्शा चलाया जायेगा। इसके बाद दूरी बढ़ायी जायेगी। ई-रिक्शा चलने से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा। साथ ही लोगों को वरूणा के किनारे सैर करने का मौका भी मिलेगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ से उद्घाटन कराने की तैयारी
वरुणा कॉरीडोर में कुछ जगहों पर गड्ढे हो गये थे जिसे पहले ठीक किया जायेगा। इसके बाद सितम्बर में इस प्रोजेक्ट को लांच करने की तैयारी है। प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलाने की तैयारी है। बताते चले कि अखिलेश यादव सरकार के समय ही वरुणा कॉरीडोर प्रोजेक्ट की नीव रखी गयी थी बाद में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में इसे पूरा किया। हालांकि प्रोजेक्ट में धांधली के भी कई आरोप लगे थ अब देखना है कि सीवर के पाइप को एसटीपी से जोड़े बिना कैसे आरटीएस को लागू किया जाता है।
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