कैंप जाने पर ही मिलेगी राहत साम्रगी, बाजार तक जाने के लिए नाव का करना पड़ता है इंतजार
वाराणसी. गंगा की उफनाती लहरों ने आबादी के अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। गंगा के पानी से सबसे अधिक प्रभावित सामने घाट का एरिया है जहां पर कई कॉलोनी पानी में डूब रही है। इन कॉलोनी में सुरक्षा की दृष्टि से बिजली तक काट दी गयी है इसके बाद भी लोग अपने घरों में रहने पर विवश है। जिला प्रशासन ने राहत शिविर बनाये हैं और वहां पर सारी सुविधा दी जा रही है इसके बाद भी लोग अपना घर नहीं छोडऩे के लिए विवश है।
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गंगा व वरुणा दोनों नदी में बाढ़ आयी है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। दोनों ही नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में आयी बाढ़ को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार भी गंभीर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत शिविर बनाये गये हैं। यहां पर भोजन, बिजली, पानी, चिकित्सक आदि की सारी व्यवस्था की गयी है। यह सुविधा उन्ही लोगों को मिल सकती है जो यहां पर रहने के लिए आयेंगे। सबसे बड़ी समस्या उन लोगों के लिए है जो बाढ़ में फंसे हुए है लेकिन अपना घर नहीं छोड़ सकते हैं। बाढ़ प्रभावित सामने घाट निवासी शशिकांत पांडेय ने बताया कि वह घर छोड़ कर नहीं जा सकते हैं। यहां के स्थानीय निवासी नाव लेकर चल रहे हैं और जो घर खाली मिल रहा है उसका सारा सामान लेकर गायब हो जाते हैं। क्षेत्र में बाढ़ आने के कारण अधिकांश लोग चले जाते हैं और यहां पर कम ही लोग बचते हैं इसलिए अपराधी मारपीट कर भी सामान लूट लेते हैं। बाढ़ से घर घिरा हुआ है लेकिन घर के रखे सामान की सुरक्षा के चलते हम लोग यही पर रहने को विवश है। बताते चले कि कैबिनट मंत्री आशुतोष टंडन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था और पुलिस को रात में नाव से इन क्षेत्रों में गश्त करने का निर्देश दिया था इसके बाद भी बाढ़ प्रभावित लोग खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं।
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