गलियों में चल रही है नाव, अभी बढ़ता रहेगा वरुणा व गंगा का जलस्तर
वाराणसी. मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर में तेजी से बढ़ाव जारी है। बुधवार की सुबह बनारस में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 71.29 मीटर पर पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर पर था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे एक सेंटीमीटर की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस तरह तीन साल बाद एक बार फिर गंगा खतरे के निशान से उपर बह रही है।
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बनारस में गंगा के साथ वरुणा का पानी भी तबाही मचा रहा है। बुधवार व गंगा व वरुणा का पानी नये इलाकों में प्रवेश कर गया है। इसके चलते लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। बीती देर रात से सुबह तक हुई झमाझम बारिश ने बाढ़ पीडि़तों की समस्या को बढ़ा दिया है। ऐसे में पीडि़तों के लिए एनडीआरएफ सबसे बड़ा सहारा बनी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ के जवान दिन-रात एक किये हुए हैं। जिन गलियों में कभी वाहन चलते थे वहां पर एनडीआरएफ की बोट अब राहत व बचाव कार्य कर रही है और लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से निकाल कर राहत शिविरों में पहुंचाने में जुटी है।
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अभी नहीं थमेगा बढ़ाव, 1978 में आयी थी सबसे भयानक बाढ़
गंगा व वरुणा का जलस्तर अभी थमने वाला नहीं है। प्रयागराज में गंगा अभी तब बढ़ाव पर है जिसका असर बनारस पर पड़ रहा है और गंगा का पानी तेजी से बढ़ता जा रहा है। बनारस में सबसे भयानक बाढ़ 1978में आयी थी जब गंगा का जलस्तर 73.90 पहुंच गया था और आधा शहर में पानी भर गया था। गंगा में इतनी बाढ़ फिर कभी नहीं आयी है। एक बार फिर गंगा ने खतरे के निशान को पार किया है इस बार देखना है कि गंगा का जलस्तर कितना बढ़ता है।
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