
Varanasi Ganga Water Level: गंगा नदी में लगातार हो रही जल वृद्धि ने वाराणसी में बाढ़ का खतरा साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को गंगा का जल स्तर 61.84 मीटर तक पहुंच गया है। नदी का जल स्तर प्रति घंटे 1 से 2 सेंटीमीटर की दर से बढ़ रहा है। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से सभी नावों का संचालन पूरी तरह रोक दिया है। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है।
जिला प्रशासन के अनुसार, तेज हवाओं के कारण गंगा में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जो नाव संचालन के लिए अत्यंत खतरनाक हैं। नावों को रोकने का फैसला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हवा के थमने और लहरों के शांत होने के बाद ही नावों को फिर से चलाने की अनुमति दी जाएगी। इस बीच घाटों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
एक नाविक ने कहा कि अभी बहुत तेज हवा चल रही है। इसी वजह से मां गंगा में लहरें उठ रही हैं। प्रशासन ने हमें रोक दिया है। कहा है कि जब लहरें थोड़ी शांत हो जाएंगी और हवा कम हो जाएगी, तब ही नावें चलाई जा सकेंगी। दूसरे नाविक ने बताया कि सबसे पहले तो मैं यह बताना चाहता हूं कि नावें बारिश के कारण नहीं रोकी गई हैं। नावें हवा के कारण बंद की गई हैं। हवा काफी तेज चल रही है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी तरह की नावों को बंद कर दिया गया है। जैसे ही हवा कम होगी, बैठक करके और चर्चा के बाद नावों को फिर से शुरू किया जाएगा।
वाराणसी में गंगा किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। घाटों पर पानी बढ़ने से दर्शनार्थियों की संख्या प्रभावित हुई है। कई छोटे-छोटे घाट जलमग्न हो चुके हैं। स्थानीय व्यापारियों और नाविकों का कहना है कि इस मौसम में पर्यटकों की अच्छी आमद रहती है, लेकिन सुरक्षा उपायों के कारण नाव संचालन बंद होने से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैयार हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि अनावश्यक रूप से गंगा किनारे न जाएं और बच्चों तथा बुजुर्गों पर विशेष नजर रखें। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में और वर्षा की संभावना है, जिससे जल स्तर में और वृद्धि हो सकती है।