वाराणसी

काशी में 1000 साल पुरानी मस्जिद में आखिरी बार पढ़ी गई जुमे की नमाज! रेलवे ने चस्पा किया है खाली करने का नोटिस

Kashi railway station। Ganj shahida mosque demolition : वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के आधुनिकरण की जद में आ रहे गंज शहिदा मस्जिद में आखरी बार जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाजियों की भीड़ उमड़ी।
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Jun 19, 2026
Ganj Shahida Mosque
गंज शहिदा मस्जिद (फोटो- पत्रिका)

Ganj Shahida Mosque in Kashi: वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के आधुनिकरण की जद में आ रही गंज शहिदा मस्जिद में शुक्रवार को आखरी बार जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाजियों की भीड़ उमड़ी। इस मस्जिद को रेल प्रशासन ने अपनी भूमि बताया है और मस्जिद को खाली करने के लिए 20 जून तक का समय दिया है। वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह 1000 साल पुरानी है। इसको लेकर रेल प्रशासन ने मस्जिद पर एक नोटिस भी चस्पा किया है।

दरअसल, वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। रेल प्रशासन कार्य में तेजी लाने के लिए अतिक्रमण की गई भूमि पर नोटिस भेजने की कार्रवाई कर रहा है और अतिक्रमण मुक्त कर रहा है। ऐसे में रेल प्रशासन ने काशी रेलवे स्टेशन के पास ही बनी गंज शहिदा मस्जिद को खाली करने के लिए 20 जून तक का समय दिया है।

रेल प्रशासन पर मनमाना कार्य करने का आरोप

नमाज पढ़ने आए लोगों ने मस्जिद पर नोटिस लगाने का खुलकर विरोध किया है। वहीं, इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने नोटिस को अवैध करार देते हुए दावा किया है कि यह मस्जिद करीब एक हजार साल पुरानी है, जिसका वैध कागजात भी मस्जिद कमेटी के पास उपलब्ध है। रेल प्रशासन ने मस्जिद को खाली करने के बाद इस पर ध्वस्तिकरण की कार्रवाई करने की बात कही है। मसाजिद कमेटी की दलील है की मस्जिद काशी रेलवे स्टेशन से पहले की बनी हुई है और भूमि मस्जिद कमेटी की है, ऐसे में रेल प्रशासन मनमाना कार्य कर रहा है।

शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे नामजियों ने कहा कि यह दुख का विषय है कि मस्जिद को रेल प्रशासन गिराना चाहता है। नमाजियों ने कहा कि वे कई सालों से यहां मस्जिद में नमाज पढ़ रहे हैं।

अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी एसएम यासीन ने बताया कि मस्जिद का पूरा काम कमेटी ही देखती है। उन्होंने बताया कि गंज शहिदा मस्जिद की नीव 1034 ईस्वी में रखी गई थी, जबकि 1883-84 में बंदोबस्ती का नक्शा भी उनके पास मौजूद है, जिसमें मस्जिद साफ-साफ दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि काशी रेलवे स्टेशन का निर्माण 1887 में हुआ था, ऐसे में यह रेलवे की जमीन कैसे हो सकती है।

क्या है प्लान?

काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करके एक मॉडल स्टेशन के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां एक ही स्थान से बस, ट्रेन और हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी, जिसको लेकर अतिक्रमण की गई जमीन पर शासन द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले अजगैब शहीद मस्जिद को बुलडोजर की मदद से गिराया गया था, जिसके बाद अब शहिदा मस्जिद को गिराने को लेकर रेल प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। मस्जिद के बाहर नोटिस चस्पा कर बताया गया है कि 20 जून तक इस खाली कर दें। इसी को लेकर विवाद गहरा रहा है।

Updated on:
19 Jun 2026 08:09 pm
Published on:
19 Jun 2026 08:09 pm
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