वाराणसी

तीन मकान व जमीन, फिर भी परिस्थिति से हार गया यह परिवार

पिता ने कहा बेटी की शादी ने बेटे ने लिया था 10 लाख कर्ज, मोमोज बेच कर करता था गुजारा
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Oct 30, 2019
Cantt CO and Amarnath Gupta
Cantt CO and Amarnath Gupta

वाराणसी. कैंट थाना क्षेत्र के हुकुलगंज में किशन गुप्ता व उसकी गर्भवती पत्नी व दो बच्चों की मौत से सभी को स्तब्ध कर दिया है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि एक बाप अपने इतने मासूम बच्चों को कैसे मौत दे सकता है। पत्नी के पेट में आठ माह का गर्भ था जो बच्चा अभी दुनिया भी नहीं देखा था उसे भी मौत की नीद सुलाने में पिता के हाथ नहीं कांपे। मृतक के पिता की माने तो उसके तीन आवास है और एक जमीन है। 15 से 16 हजार रुपये किराया उतरता है इसके बाद भी उसका बेटा अपने परिवार के साथ जीवन जीने का साहस नहीं उठा पाया। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल व एसएसपी आनंद कुलकर्णी भी मौके पर पहुंचे थे और सारी स्थिति का जायजा लिया।
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IMAGE CREDIT: Patrika

एक परिवार के चार लोगों की मौत होने की खबर पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद किया है जिसमे सुसाइड करने वाले बेटे ने लिखा है कि उसकी आंख की रोशनी लगातार कम हो रही है और वह अपने स्वास्थ्य से परेशान हो गया है इसलिए परिवार के साथ सुसाइड कर रहा है। इसके पीछे परिवार को कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। फिलहाल मृतक का सुसाइड नोट जांच के लिए फोरेसिंक टीम ले गयी है।आस-पास के लोगों की माने तो 29 अक्टूबर की रात को किशन से भेंट हुई थी वह कुछ गुमसुम लग रहा था लेकिन इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं हुआ कि वह परिवार समेत मौत को गले लगा लेगा।
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घर के पास बेचता था मोमोज, बहन की शादी में लिया था 10 लाख का कर्जे किशन (32), बहू नीलम (28), पोती शिखा (7) व पोता उज्जवल (6) की मौत से पूरा मुहल्ला सदमे में है। मृतक के पिता अमरनाथ खुद कैंसर से पीडि़त है और रो-रो कर उनका हाल खराब हो गया था। छोटा भाई लगातार बेहोश हो जा रहा था। अमरनाथ ने बताया कि बेटी की शादी बहुत धूमधाम से की थी और किशन ने मार्केट से 10 लाख का कर्ज लिया था। मैने किशन से कहा था कि एक मकान या जमीन बेच कर कर्ज चुका दिया जायेगा। इस पर किशन ने कहा कि घर की सम्पत्ति बेच कर कर्ज नहीं चुकायेंगे। खुद कमा कर सबका पैसा लौटाया जायेगा। किशन घर के पास ही मोमोज की दुकान लगाता था बहुत अधिक आमदानी नहीं होती थी इसलिए कर्ज नहीं चुकाने से भी परेशान था। पिता का कहना था कि जो किराया 15 से 16 हजार रुपया मिलता था वह भी किशन को दे देता था एक आंख की रोशनी लगातार कम होने से किशन बेहद परेशान था और उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया।
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Published on:
30 Oct 2019 07:55 pm