14 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘कुछ बड़ा बन जाना, तब बताना’ मां की बात से लेकर PCS अफसर बनने तक, कौन हैं विश्वभूषण मिश्रा?

Vishwabhushan Mishra PCS Officer: काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO रहे विश्वभूषण मिश्रा का तबादला UPSSSC में उप सचिव पद पर हुआ है। जानिए PCS में तीसरी रैंक हासिल करने से लेकर प्रशासनिक सफर तक की कहानी।
3 min read
Google source verification
Vishwabhushan Mishra PCS

विश्वनाथ के पूर्व CEO विश्वभूषण मिश्रा

Vishwabhushan Mishra PCS:वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्था से जुड़े अहम पद पर रहे डॉ. विश्वभूषण मिश्रा अब नई जिम्मेदारी संभालेंगे। रविवार देर रात जारी तबादला सूची में उनका नाम भी शामिल है। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) में उप सचिव बनाया गया है। इससे पहले वह काशी विश्वनाथ मंदिर और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वाराणसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

विश्वभूषण मिश्रा की कहानी सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी के तबादले तक सीमित नहीं है। अंबेडकरनगर से अयोध्या और फिर दिल्ली तक का सफर तय करने वाले मिश्रा ने शुरुआत में प्रशासनिक सेवा को अपना लक्ष्य नहीं बनाया था। एक दोस्त की चुनौती ने उन्हें PCS की तैयारी के लिए प्रेरित किया और आगे चलकर यही फैसला उनकी जिंदगी की दिशा बदल गया।

अंबेडकरनगर में जन्म, अयोध्या की गलियों में बीता बचपन

डॉ. विश्वभूषण मिश्रा का जन्म 18 जनवरी 1984 को हुआ था। वह मूल रूप से अंबेडकरनगर के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई अयोध्या में हुई। उनके पिता सरकारी स्कूल में गणित के शिक्षक थे। पिता की वजह से गणित उनके लिए कभी मुश्किल विषय नहीं रहा। हालांकि, स्कूली जीवन के दौरान ही उन्होंने पिता को खो दिया। इसके बाद उनका बचपन अयोध्या के गांव की गलियों में बीता। उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा था कि आगे चलकर वह उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में जाएंगे।

दोस्त ने दी चुनौती, बदल गया करियर का रास्ता

विश्वभूषण मिश्रा की PCS में आने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। 27 दिसंबर 2007 की शाम वह लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी की पढ़ाई के दौरान दोस्तों के साथ बैठे थे। बातचीत में आईएएस और पीसीएस परीक्षा का जिक्र हुआ। मिश्रा ने कहा कि यह परीक्षा उतनी मुश्किल नहीं है, जितना लोग समझते हैं। बस फिर क्या था। एक दोस्त ने उन्हें चुनौती दे दी कि अगर परीक्षा इतनी आसान लगती है तो वह खुद क्यों नहीं इसे पास कर लेते? मिश्रा ने इस चुनौती को गंभीरता से लिया और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।

2008 में PCS का फॉर्म, फिर UPSC में भी मिली सफलता

उन्होंने 2008 में UPPSC PCS परीक्षा का फॉर्म भरा। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद 2009 में इंटरव्यू भी दिया। परिणाम का इंतजार चल ही रहा था कि उन्होंने UPSC की तैयारी पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया। इसी दौरान एलएलएम की पढ़ाई करते हुए उनका चयन भारत सरकार की एक नवरत्न कंपनी में लीगल अफसर के तौर पर हो गया। नौकरी के लिए वह कुल्लू चले गए। छुट्टियों के दौरान दिल्ली आकर परीक्षा की तैयारी जारी रखी। इसी बीच उन्हें UPSC में भी सफलता मिली और उनका चयन पार्लियामेंट्री अफसर के रूप में हुआ। इसके बाद वह कुल्लू से दिल्ली आ गए।

दिल्ली की नौकरी छोड़कर चुनी यूपी की प्रशासनिक सेवा

दिल्ली में नौकरी के दौरान वह एक बार छुट्टी लेकर अयोध्या आए हुए थे। इसी दौरान घर पर फोन आया कि उनका UPPSC PCS में चयन हो गया है। उन्होंने परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल की थी। खुशी में वह सबसे पहले मां के पास पहुंचे। मां उस समय पड़ोस की महिलाओं के साथ बातचीत कर रही थीं। मिश्रा ने मां के पैर छुए और बताया कि वह डिप्टी कलेक्टर बन गए हैं। मां शायद उस समय बेटे की उपलब्धि की पूरी अहमियत नहीं समझ पाईं। उन्होंने सहज अंदाज में कहा- ‘हां जाओ, कुछ बड़ा बन जाना, तब बताना।’ मिश्रा के लिए यह पल यादगार बन गया। अगले दिन अखबार में उनके चयन की खबर छपी। इसके बाद घर पर बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हुआ और मां को भी बेटे की उपलब्धि का पूरा अहसास हुआ।

अब काशी विश्वनाथ के बाद नई जिम्मेदारी

PCS अधिकारी बनने के बाद उनकी ट्रेनिंग गाजीपुर में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर हुई। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने वाराणसी के अपर आयुक्त, लखनऊ में ADM, प्रयागराज सिटी मजिस्ट्रेट, LDA में नजूल अधिकारी, कृषि विभाग में उप निदेशक, खेल विभाग में सहायक निदेशक और मथुरा में डिप्टी कलेक्टर समेत कई जिम्मेदारियां संभालीं। अब काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO पद से उनका तबादला UPSSSC के उप सचिव के पद पर हुआ है। एक तरफ यह तबादला उनके प्रशासनिक सफर का नया पड़ाव है, वहीं दूसरी तरफ उनकी कहानी उस चुनौती की याद भी दिलाती है, जिसने कभी उन्हें PCS परीक्षा देने के लिए तैयार किया था।

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग