गंगा नदी में अब मनमाने ढंग से नाव चलाने वाले नाविकों पर कार्रवाई की जाएगी। नियम ना मानने वाले नाविकों को 6 महीने की जेल या 10 हजार तक जुर्माना देना पड़ सकता है।
वाराणसी: कमिश्नरेट पुलिस ने काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नौका संचालन के लिए नियम और शर्तें बताई हैं। नियम के विरुद्ध नौका संचालन करने वाले नाविकोंको पुलिस ने आगाह किया है कि यदि वे लापरवाही पूर्वक नौका का संचालन करेंगे तो उन्हें जुर्माना या जेल जाना पड़ सकता है।
बनारस कमिश्नरेट की जल पुलिस ने गंगा नदी में नौका विहार करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर नविकों को निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के उल्लंघन पर वोट चालक और वोट मलिक के ऊपर BNS की धारा 282 के तहत कार्रवाई की जाएगी। शर्तों को न मानने वाले नविकों को 6 महीने तक की जेल या ₹10 हजार तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। पुलिस नें नविकों को निर्देश जारी किया है कि वह नाव पर क्षमता से अधिक सावरी ना बैठा है। इसके साथ ही नाव में बैठे सवारी को लाइफ जैकेट पहनना भी अनिवार्य है।
गंगा नदी में अनियंत्रित और अत्यधिक तेज गति से से नाव ना चलाएं। पुलिस ने बताया है कि अस्सी घाट से नमो घाट की तरफ चलने वाली नाव अपने दाहिने साइड रेती की तरफ से चलें, जबकि नमो घाट से अस्सी घाट की तरफ चलने वाली नाव हैं अपने दाहिने तरफ से घाट की ओर से चलें। पुलिस ने प्रदूषण फैलाने वाली और अत्यधिक धुआं दे रही नाव पर भी नकेल कसने की तैयारी कर रखी है।
नविकों से कहा गया है कि वह गंगा नदी में नौका संचालन के समय सवारियों को खड़ा करके सेल्फी और फोटोग्राफी ना करें अन्यथा उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से ज्यादा पैसे लेने वाले नाविकों पर भी अब नकेल कसी जाएगी। जल पुलिस ने कहा है कि सवारी को नाव में चढ़ाते हुए वाले उतरते समय लापरवाही ना बरतें और सवारियों से बदतमीजी व मारपीट ना करें। नशा करके नाव चलाने वाले संचालकों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है। जल पुलिस ने नावों के लिए रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है और निर्धारित समय के बाद नाव चलाने पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले लापरवाही पूर्वक नाव के संचालन की वजह से दो नाव आपस में टकरा गई थीं। इसके बाद जल पुलिस ने यह एडवाइस जारी की है। इसके साथ ही मंगलवार को गंगा नदी में एक मोटर बोट चालक के ऊपर कार्रवाई की गई थी। आरोप था कि नाव में कुल 12 सवारियां थी और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनना था। इसके बाद पुलिस ने नव को सीज कर लिया था।