पार्टी का विस्तार देख कर चकित है डा. बैजनाथ प्रसाद, जनसंघ के समय से ही बीजेपी से जुड़े रहे
वाराणसी. देश में जब बीजेपी का कोई नाम नहीं लेने वाला था उस समय जनसंघ से भी लोग नहीं जुड़े थे जब से संगठन की सेवा कर रहे डा.बैजनाथ प्रसाद (90) के लिए शनिवार को दिन बेहद खास रहा। बनारस में आये पीएम नरेन्द्र मोदी ने खुद बैजनाथ प्रसाद को सम्मानित किया। 1948 में ही डा.बैजनाथ प्रसाद बीजेपी से जुड़ गये थे और जब जनसंघ पर प्रतिबंध लगा था तो उन्हें कई बार जेल तक जाना पड़ा था। सम्मानित होने के बाद खुश हुए बुजुर्ग बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा कि पार्टी का विस्तार देख कर विश्वास नहीं होता है।
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डा. बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय के साथ काफी समय गुजराने का मौका मिला था। पहले जनसंघ के कार्यकर्ता बहुत मुश्किल से मिलते थे। गांव में तो कार्यकर्ताओं की सबसे अधिक कमी होती थी। बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि आज की तरह पहले संसाधन नहीं होते थे लोगों तक अपनी बात पहुंचाना आसान नहीं होता था। आज की तरह उस समय बाइक नहीं थी इसलिए जो साधन मिलता था उसी के सहारे ही हम लोग प्रचार करते थे। बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जब दीनदयाल उपाध्यय के निधन की सूचना मिली थी तो सभी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी थी। बीजेपी की वर्तमान स्थिति पर कहा कि यह देख कर विश्वास नहीं होता है कार्यकर्ताओं से ही संगठन मजबूत होता है और बीजेपी के पास अब कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है।
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जनसंघ की शाखा पर लगा था प्रतिबंध, साढ़े पांच माह तक गये थे जेल
डा.बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जनसंघ की शाखा लगाने पर प्रतिबंध लग गया था तो उन्हें भी साढ़े पांच माह तक चौकाघाट जेल में रहना पड़ा था। 28 दिसम्बर 1948 को शीतला घाट पर सत्याग्रह करने के बाद जेल गये थे। शिवपुर निवासी डा.बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि नगर निगम में दो बार बीजेपी सभासद दल के नेता रहे हैं। शिवपुर वार्ड से दो बार सभासद भी रह चुके हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी के हाथ से सम्मानित होने पर बेहद खुशी है। बीजेपी की तरक्की देख कर बहुत अच्छा लगता है।
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