Varanasi News: सोनभद्र पुलिस ने वाराणसी में कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता की संपत्ति कुर्क की।
Codeine syrup network action Varanasi: कफ सिरप तस्करी के बहुचर्चित मामले में सोनभद्र पुलिस ने शुक्रवार सुबह वाराणसी में बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के आरोपी पिता भोला जायसवाल की संपत्ति कुर्क कर दी।
पुलिस की विशेष टीम ने कोर्ट के आदेश पर यह कदम उठाया, जिससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों और उनकी अवैध संपत्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी से जुड़े इस संगठित गिरोह की परतें लगातार खोली जा रही हैं। जांच टीम अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की पड़ताल में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, जिससे कई नए नामों का पर्दाफाश होगा।
इस पूरे मामले की पहली एफआईआर 18 अक्टूबर को सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दर्ज हुई थी। उस समय दीपावली के मद्देनज़र जिलेभर में वाहनों की सघन चेकिंग चल रही थी। एक्साइज विभाग के साथ संयुक्त टीम ने रात के समय एक ट्रक को रोका, जो त्रिपुरा की ओर जा रहा था। ट्रक में ऊपर से नमकीन की बोरियां लदी थीं, लेकिन जांच के दौरान उनके बीच बड़ी संख्या में कोडीन युक्त कफ सिरप की शीशियां छिपी हुई मिलीं।
पुलिस ने मौके से करीब 1.19 लाख शीशियां बरामद कीं, जिनकी अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये बताई गई। इस कार्रवाई में ट्रक ड्राइवर हेमंत पाल, बृजमोहन शिवहरे और मध्य प्रदेश के ट्रांसपोर्टर रामगोपाल धाकड़ को गिरफ्तार किया गया। त्योहार के चलते तीनों को बिना विस्तृत पूछताछ के जेल भेज दिया गया, लेकिन बाद में पुलिस ने जेल में उनसे गहन पूछताछ की, जिससे मामले की असली कड़ियां सामने आने लगीं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि कफ सिरप की खेप गाजियाबाद से लोड की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मेरठ से सौरभ त्यागी को दबोचा और वसीम व आसिफ के नाम सामने आए। जांच के आधार पर टीम ने रांची में एक और गाजियाबाद से चार ट्रक जब्त किए, जिनमें चूने और चावल की बोरियों के बीच कफ सिरप की शीशियां छिपाकर रखी गई थीं। इससे साफ हुआ कि तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है।
इसी पूछताछ के दौरान पहली बार दुबई में छिपे आसिफ और वसीम के साथ शुभम जायसवाल का नाम सामने आया। इन तीनों के खिलाफ गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस को जानकारी मिली कि शुभम के जरिए वसीम और आसिफ कोडीन युक्त कफ सिरप की खेप बांग्लादेश तक पहुंचाई जाती थी, जिससे इस गिरोह की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का खुलासा हुआ।
जांच के अगले चरण में अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल सहित काशी के 28 दवा कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि लगभग 100 करोड़ रुपये की कीमत की 89 लाख शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप की खरीद-बिक्री की गई। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा कारोबार फर्जी दस्तावेजों और शेल फर्मों के जरिए चलाया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि काशी के 93 मेडिकल स्टोर के नाम पर करीब 84 लाख शीशियां खरीदी और बेची गईं, जबकि जिन स्टोरों के नाम पर यह कारोबार दिखाया गया, उनमें से अधिकांश मौके पर मौजूद ही नहीं थे। बाद में यह भी उजागर हुआ कि नौ बंद फर्मों के नाम पर कफ सिरप का लेनदेन किया गया, जिनमें सृष्टि फार्मा, जीटी इंटरप्राइजेज, शिवम फार्मा, हर्ष फार्मा, डीएसए फार्मा, महाकाल मेडिकल स्टोर, निशांत फार्मा, वीपीएम मेडिकल एजेंसी और श्री बालाजी मेडिकल शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, केवल कोडीन युक्त सिरप की खरीद-बिक्री के लिए फर्जी फर्मों का जाल बिछाया गया था। सोनभद्र, जौनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, चंदौली समेत कई जिलों में शुभम जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क पर और कड़ी कार्रवाई होगी, ताकि इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।