वाराणसी

सरकार द्वारा मुख्यमंत्री व मंत्रियों की टैक्स भरने की परम्परा कांग्रेस के समय शुरू हुई थी

वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पेंशनरों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए, वित्तीय कार्यालय के बिल पर अनावश्यक आपत्ति नहीं लगायी जाये

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Sep 14, 2019
Finance Minister Suresh Sinha

वाराणसी. प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश सिन्हा ने शनिवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांग्रेस के समय की परम्परा को खत्म किया है। कांग्रेस के समय ही मुख्यमंत्री व मंत्रियों का टैक्स भरने की परम्परा शुरू हुई थी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में आते ही तुरंत ही उन्होंने इस व्यवस्था को समाप्त करने का ऐलान किया।
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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने टैक्स वाली व्यवस्था ८१ में बनायी गयी थी जिसे अब बदला गया है। बाकी लोग व्यक्तिगत रुप से अपना टैक्स देते हैं लेकिन सीएम व मंत्रियों का टैक्स सरकार देगी। यह सुनने में भी अटपटा लगता था जिसे अब बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि बनारस आकर संसदीय कार्यालय में जाता हूं। वहां पर लोगों की समस्या का निदान किया जाता है। आज भी डेढ़ दर्जन समस्याओं को तुरंत निदान किया गया है। अन्य समस्याओं को संबंधित विभाग में भेज कर उसका निस्तारण कराया जायेगा। इसकी एक कापी शिकायतकर्ता को भी भेजी जायेगी।
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पेंशनरों को न हो परेशानी, वित्तीय कार्यालय के बिल पर अनावश्यक आपत्ति न लगाये
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सर्किट हाउस में विभिन्न विभागों में तैनात वित्त से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। वित्त मंत्री ने कहा कि पेंशनरों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। वित्तीय कार्य में पारदर्शिता रखते हुए बिलों का तत्परता से भुगतान कराया जाये। कार्यालय में सफाई व्यवस्था अच्छी रखे और लोगों की समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाये। वित्त मंत्री ने बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली और समस्याओं को भी जाना।
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Published on:
14 Sept 2019 04:07 pm
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