वाराणसी

पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में इतनी कटी बिजली कि जांच के लिए भेजनी पड़ी टीम

जबरदस्त बिजली कटौती ने केन्द्र व यूपी सरकार के दावों की हवा निकाली, बिजली विभाग में हो रहा जमकर खेल

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Jul 24, 2019
PM Narendra Modi

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस का हाल अब बेहाल हो चुका है। वीवीआईपी माने जाने वाले जिले को सपा सरकार में अखिलेश यादव ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया था जो सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में भी बरकरार रहा। पहले तो शहर की बिजली व्यवस्था ठीक थी लेकिन केन्द्र में फिर से बीजेपी की सरकार बनने के बाद पीएम के ही संसदीय क्षेत्र में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है। शहर के एक हिस्से में 36 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही तो लोगों को अपना घर छोड़ कर जाना पड़ा। मामले की जानकारी जब लखनऊ के आला अधिकारियों को हुई तो जांच के लिए टीम भेजना पड़ा।
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पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस जून से ही जबरदस्त बिजली कटौती की मार झेल रहा है। जिले में बीजेपी की छह विधायक व दो मंत्री तक रहते हैं इसके बाद भी अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को जीना मुहाल किया है। दिन व रात दोनों समय हो रही बिजली कटौती ने लोगों को आक्रोशित किया है। बिजली कटौती की हद तक हो गयी जब 33 केवी मच्छोदरी उपकेन्द्र से जुड़े इलाके में 36 घंटे तक बिजली गायब रही। इतनी जबरदस्त कटौती के चलते लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। कुछ लोग तो अपने घर को छोड़ कर दूसरी जगह जाने को विवश हो गये थे। इसकी जानकारी जब लखनऊ के अधिकारियों को हुई तो हड़कंमप मच गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की टीम शहर में धमक गयी। टीम के सदस्यों ने लेढूपुर उपकेन्द्र में दो घंटे तक जांच की है और पता लगाने का प्रयास किया है कि इतनी देर तक कटौती के लिए कौन लोग जिम्मेदार है। टीम के सदस्य यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि सारी व्यवस्था उपलब्ध कराने के बाद भी बनारस में इतनी बिजली क्यों कट रही है।
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बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए पानी की तरह बहाया गया पैसा, फिर भी लोगों को नहीं मिली राहत
पीएम नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए कई योजना चला रहे हैं। यहां की बिजली व्यवस्था सुधार के लिए भी पानी की तरफ पैसा बहाया गया था। इसके बाद भी बिजली व्यवस्था नहीं सुधर रही है। अधिकारियों की तैनाती में भी जमकर खेल हो रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बनारस का रिकॉर्ड दौरा किया है लेकिन अव्यवस्था मिलने पर अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं होती है जिसके चलते पीएम के संसदीय क्षेत्र में आधारभूत सुविधा के लिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है और मंत्री व अधिकारी अपनी दुनिया में आराम से है।
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Published on:
24 Jul 2019 12:05 pm
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