
Vande Bharat Sleeper Train:वाराणसी को एक और वंदे भारत ट्रेन की सौगात मिल सकती है। बताया जा रहा है कि यह वंदे भारत ट्रेन स्लीपर होगी और इसका संचालन बनारस से जालंधर के बीच किया जाएगा। रेल सूत्रों के मुताबिक, इस ट्रेन को सप्ताह के सातों दिन चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के रास्ते इसे चलाने पर विचार किया जा रहा है। इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी सीधा लाभ प्राप्त होगा।
जानकारी के मुताबिक, रेल प्रशासन वाराणसी से जालंधर के बीच एक नई वंदे भारत ट्रेन चलने पर विचार कर रहा है। यह ट्रेन बाकी बंदे भारत से अलग होगी और इसमें स्लीपर की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, ट्रेन के संचालन की तिथि और अंतिम रूट को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। रेलवे के संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारी पूरी करने के निर्देश मिले हैं, जिसके बाद युद्ध स्तर पर इसे चलाने को लेकर कवायद की जा रही है। बता दें कि फिलहाल दिल्ली जाने के लिए दो वन्दे भारत ट्रेनों का वाराणसी से संचालन किया जाता है, लेकिन अभी तक जालंधर के लिए वंदे भारत ट्रेन नहीं चलाई जा रही थी।
वाराणसी के मंडलायुक्त एस राजलिंगम और बनारस रेल मंडल के डीआरएम आशीष जैन अपनी टीम के साथ बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचे और कई घंटे तक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। हालांकि, रेल अधिकारी स्लीपर वंदे भारत के संचालक को लेकर आधिकारिक रूप से बयान देने से बच रहे हैं। वर्तमान समय में दिल्ली के लिए दो वन्दे भारत समेत 7 ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा तीन रन-थ्रू ट्रेन तथा 17 एसी ट्रेन भी हैं, जिनका संचालन सप्ताह में दो से तीन दिन तक किया जाता है।
वाराणसी कैंट और बनारस रेलवे स्टेशन से चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में यात्रियों का दबाव काफी ज्यादा रहता है। सीटों की उपलब्धता लगभग 100% तक रहती है। नई स्लीपर वन्दे भारत के शुरू होने से दिल्ली के साथ-साथ पंजाब और जम्मू की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, मां वैष्णो देवी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह ट्रेन उपयोगी साबित होगी। जम्मू के लिए फिलहाल बनारस से बेगमपुरा एक्सप्रेस एकमात्र विकल्प है।