
Varanasi News: काशी, अयोध्या और मथुरा में कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी द्वारा सरकारी विभागों के ईमेल पर संदेश भेजकर बम विस्फोट करने की धमकी दिए जाने के बाद वाराणसी पुलिस अलर्ट हो गई है। वाराणसी में नगर निगम के ऑफिशल ईमेल आईडी पर बीएचयू स्थित केंद्रीय विद्यालय समेत धार्मिक स्थानों को बम से उड़ने की धमकी दी गई थी। इसके बाद वाराणसी पुलिस चौकन्नी हो गई है। पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को दे दी गई है। वहीं वाराणसी सीमा पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। जिले में आने वाले लोगों और वाहनों की कड़ाई से जांच की जा रही है।
धमकी मिलने के बाद वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जिले के पुलिस अधिकारियों को सड़क पर उतरने का निर्देश दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार से इस मामले में लापरवाही ना बरती जाए। दरअसल, पुलिस आयुक्त,नगर निगम और अन्य प्रशासनिक अफसरों व शैक्षणिक संस्थानों के ईमेल आईडी पर धमकी भरा संदेश भेजा गया था। इसमें नगर निगम के मेयर कार्यालय में बम धमाके की धमकी मिली थी। वही दीपावली के दिन मंदिरों में सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच बम धमाके की धमकी दी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस ईमेल आईडी से मैसेज आया है वह दलजीत दोसांझ के नाम पर बताया जा रहा है और मैसेज के नीचे खालिस्तान नेशनल आर्मी लिखा हुआ है। ईमेल में 1984 के सिख दंगों का भी जिक्र किया गया है और उसमें खालिस्तानी नारा भी लिखा गया है। मेल आईडी में भेजे गए मैसेज में लिखा गया है कि 1984 के दंगों का खून का बदला खून से लेंगे। इस तरह के धमकी भरे मैसेज आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने सभी एसीपी और थाना अध्यक्षों को निर्देशित किया है कि 80 प्रतिशत पुलिसकर्मी चौक, चौराहो और बाजारों में रहकर संदिग्धों पर नजर रखेंगे। वहीं, साइबर टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी वाराणसी में बम विस्फोट करने की धमकी मिल चुकी है। 13 फरवरी को जिला जज की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मैसेज भेजा गया था और कचहरी परिसर में विस्फोट करने की बात लिखी गई थी। वाराणसी पूर्व में भी विस्फोट का गवाह रहा है। 7 मार्च 2006 को संकट मोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर धमाके हुए थे। वहीं 23 नवंबर 2007 को वाराणसी में कचहरी परिसर में विस्फोट हुआ था। 7 सितंबर 2010 को शीतला घाट पर भी विस्फोट हो चुका है। धमकी भरे ईमेल आने के बाद वाराणसी पुलिस अब एक्शन मोड में दिख रही है। बम निरोधक दस्ते के साथ डॉग स्क्वाड को सड़कों पर उतार दिया गया है और प्रमुख स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।