वाराणसी

काशी में सिर्फ पितरों का ही नहीं अजन्मी बेटियों का भी होता है श्राद्ध, लावारिस शवों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, 12 वर्षों से परंपरा निभा रही संस्था

Pind Daan in Kashi: काशी में सिर्फ पितरों का ही नहीं बल्कि अजन्मी बेटियों और लावारिस शवों का भी श्राद्ध किया जाता है। पितृ पक्ष की मातृ नवमी तिथि पर काशी में 9800 अजन्मी बेटियों और 52 लावारिस शवों का श्राद्ध किया जाएगा।
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Sep 29, 2026
Varanasi news
काशी में पिंडदान की अनोखी परंपरा, (Pc-IANS)

Varanasi News:काशी में सिर्फ पितरों का ही नहीं बल्कि अजन्मी बेटियों और लावारिस शवों का भी श्राद्ध किया जाता है। पितृ पक्ष की मातृ नवमी तिथि पर काशी में 9800 अजन्मी बेटियों और 52 लावारिस शवों का श्राद्ध किया जाएगा। इन 52 लावारिस लोगों में 29 ऐसे हैं, जो अज्ञात हैं। यानी कि ना तो उनके नाम-पते की जानकारी है और ना ही परिवार की। सामाजिक संस्था आगमन की ओर से पवित्र गंगा नदी के घाट पर इस वर्ष कोख में ही मार दी गई अजन्मी बेटियों के निमित्त श्राद्ध कर्म और पिंडदान किया जाएगा। वहीं, अमन कबीर सेवा ट्रस्ट की ओर से लावारिस लोगों के लिए श्राद्ध का कार्यक्रम किया जाएगा।

जानें क्या है उद्देश्य

आगमन संस्था के अध्यक्ष डॉ. संतोष ओझा ने बताया कि वह 12 वर्षों से निस्वार्थ भाव से इस सेवा में जुटे हुए हैं। इन 12 वर्षों में 1,63,700 कन्या भ्रूणों का तर्पण कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर बुराई के प्रति लोगों के भीतर जागरूकता फैलाना है। इसके साथ ही अजन्मी बेटियों को धार्मिक मान्यता व सम्मान दिलाना है। मातृ नवमी 4 अक्टूबर को पड़ेगी और इसी दिन इनका तर्पण किया जाएगा।

डॉ. संतोष ओझा ने बताया कि पिंडदान के लिए जौ के आटे, तिल और शहद से पिंड तैयार किया जाता है। इसके लिए संस्था के प्रति समर्पित 22 कार्यकर्ता व सदस्य इसमें सहभागिता दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि आचार्य के माध्यम से अनुष्ठान को वैदिक रीति रिवाज से संपन्न कराया जाता है और इसके लिए 11 आचार्य का दल तैयार किया गया है। संतोष ओझा ने बताया कि जब उन्होंने यह कार्य शुरू किया था तब चंद लोग ही उनके साथ जुड़े थे। लेकिन धीरे-धीरे जागरूकता फैलाने की वजह से संस्था से कई लोग जुड़ चुके हैं और वह अब वृहद स्तर पर बेटियों के लिए पिंडदान करते हैं।

सीएम योगी ने भी की सराहना

वहीं, अमन कबीर सेवा ट्रस्ट की देखरेख करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अमन कबीर ने बताया कि वह पिछले कई सालों से निस्वार्थ भाव से गरीब और लावारिस लोगों की सेवा करते आए हैं। कभी-कभी बीमारी की वजह से लोगों की जान चली जाती है, ऐसे में उनके परिजनों की जानकारी नहीं हो पाती। अमन ने बताया कि उन शवों का अंतिम संस्कार वह खुद से करते हैं और इसके लिए समाज के संभ्रांत लोग उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाते हैं। बता दें कि अमन को उनके सामाजिक कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सराहना कर चुके हैं। अमन ने बताया है कि इस वर्ष उन्होंने 52 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराया है। उनका पिंडदान भी किया जाएगा।

Updated on:
29 Sept 2026 10:28 am
Published on:
29 Sept 2026 10:28 am