वाराणसी के रोहनिया में युवक ने सिर में गोली मार ली। वह आररटीओ का पूर्व चालक था। देर रात घर लौटने पर उसका पत्नी से विवाद हुआ था।
रात के दस बज रहे थे। वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के उपासना नगर कॉलोनी में एक घर के बंद कमरे से अचानक गोली चलने की आवाज आई। परिवार दौड़ा तो देखा कि 30 वर्षीय अंशुल यादव जमीन पर पड़ा है और सिर से खून निकल रहा है। पास में एक रिवाल्वर पड़ी है।
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, अंशुल रविवार की रात बाहर से पार्टी करके घर लौटा था। देर से घर आने पर पत्नी पूनम ने आपत्ति जताई। बात बढ़ी तो दोनों के बीच बहस हो गई। गुस्से में अंशुल ने कमरे से रिवाल्वर निकाली और खुद को सिर में गोली मार ली।
गोली लगते ही परिवार में अफरातफरी मच गई। लहूलुहान अंशुल को परिजन तुरंत लेकर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे जहां उसे भर्ती कराया गया। फिलहाल अंशुल की हालत नाजुक बनी हुई है।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रविवार को हुई इस वारदात की जानकारी पुलिस को तीन दिन बाद मिली। बुधवार को अंशुल के भाई हिमांशु यादव ने रोहनिया थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस को सूचना देने में हुई देरी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि परिवार ने मामले को इतने दिनों तक क्यों दबाए रखा।
मामले में पत्नी पूनम समेत अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।अंशुल के पास से बरामद अवैध रिवाल्वर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब जांच इस बात की हो रही है कि यह अवैध हथियार अंशुल के पास कहां से और कैसे पहुंचा। जांच में सामने आया है कि अंशुल यादव पहले वाराणसी आरटीओ कार्यालय का वाहन चालक था।