
Ropeway Project in Varanasi: देश के पहले शहरी रोपवे का वाराणसी में सितंबर से संचालन शुरू हो जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक परिवहन रोपवे प्रोजेक्ट अगस्त में अपना आकर पूरी तरह ले लेगा। कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा का स्टेशन लगभग पूरा हो चुका है। अगस्त में अंतिम स्टेशन गोदौलिया और गिरजाघर भी बनकर तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही सदियों पुरानी आस्था और संस्कृति की नगरी काशी अब आधुनिक परिवहन तकनीक के सहारे भविष्य की ओर तेजी से रफ्तार पकड़ेगी।
मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी को रोपवे परियोजना की सौगात दी थी। इसका शिलान्यास किया जाने के 3 साल बाद 817 करोड़ रुपए की यह परियोजना अब विकास के पथ पर अग्रसर होने को तैयार है। अगस्त तक इस परियोजना का काम पूरा कर लिया जाएगा और सितंबर से इसका संचालन शुरू हो जाएगा।
करीब 3.75 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का निर्माण नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के नेतृत्व में किया जा रहा है। परियोजना में यूरोप व स्विट्जरलैंड की विश्व स्तरीय तकनीक का उपयोग किया गया है। यात्रियों को ले जाने और ले आने वाले आधुनिक गोंडोला यूरोपीय मानकों के अनुरूप आयात किए गए हैं। इसके अलावा ड्राइव सिस्टम, कंट्रोल सिस्टम, सुरक्षा सेंसर, संचार प्रणाली और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण भी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखकर लगाए गए हैं।
वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन से जल्द ही रोपवे का पहला स्टेशन जुड़ जाएगा। इसके लिए 7 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनेगा। इसका निर्माण तीसरे यात्री हॉल से रोपवे की पहली मंजिल तक होगा। इसके लिए मार्किंग का काम भी पूरा हो चुका है। यात्री अब फुट ओवर ब्रिज के रास्ते रोपवे स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकेंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कैंट रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन को जोड़ने वाले फूट ओवर ब्रिज का डिजाइन रेलवे ने बनाया है और इसे रोपवे स्टेशन बनाने वाली कार्यदाई संस्था ही बनाएगी।
वाराणसी के मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया है कि रोपवे परियोजना का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया की उम्मीद है कि स्टेशन अगस्त के अंतिम सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। कार्यदाई संस्था को अगस्त में कार्य पूरा करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में भी अगस्त तक इसके निर्माण का कार्य पूर्ण करने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं।