वाराणसी

वाराणसी में सफी, मुख्तार और वकील ने हिंदू धर्म में की वापसी, बोले- भूल सुधार ली, अब नटराज की करेंगे पूजा

Varanasi Top News: वाराणसी में घर वापसी की बड़ी खबर। 4 पीढ़ी बाद 3 मुस्लिम परिवारों के 11 सदस्यों ने इस्लाम छोड़ सनातन धर्म अपनाया। भगवान नटराज के उपासक इस नट बिरादरी ने वैदिक अनुष्ठान से की सनातन धर्म में वापसी।
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May 07, 2026
Hindu conversion, Islam to Hinduism, Dharma Jagran Manch
सफी, मुख्तार और वकील के परिवार ने अपनाया हिंदू धर्म, सनातन धर्म में वापसी | फोटो सोर्स- X(@PNRai1)

Varanasi Top News: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी (वाराणसी) से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। वाराणसी के कपसेठी थाना क्षेत्र के बाराडीह भुसौला गांव में तीन मुस्लिम परिवारों के 11 सदस्यों ने वैदिक रीति-रिवाज के साथ अपने मूल धर्म सनातन में वापसी की है। इन परिवारों का कहना है कि करीब चार पीढ़ी पहले उनके पूर्वजों ने किन्हीं कारणों से इस्लाम स्वीकार कर लिया था, लेकिन अब वे अपनी उस पुरानी भूल को सुधार कर अपने मूल धर्म की ओर लौट आए हैं।

वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ के साथ शुद्धिकरण

यह पूरा आयोजन वाराणसी के बाराडीह भुसौला गांव में धर्म जागरण मंच के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस दौरान सफी नट, मुख्तार और वकील के परिवारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पवित्र आहुतियों के साथ हुई। सामूहिक हवन-पूजन के बाद सभी को तिलक लगाया गया और हाथ पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें सनातन धर्म में दीक्षित किया गया।

3 Muslim families revert to Hinduism

'नटराज' के उपासक हैं हम'

धर्म वापसी करने वाले इन परिवारों का संबंध 'नट' बिरादरी से है। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि पूर्वजों द्वारा धर्म परिवर्तन किए जाने के बावजूद, उनके मन में हमेशा अपनी पुरानी परंपराओं के प्रति सम्मान था। वापसी करने वाले सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा, 'हमारी रगों में सनातन संस्कृति ही बहती है। हमारे पुरखों ने चार पीढ़ी पहले इस्लाम अपनाया था, जो उनकी एक भूल थी। आज हमने उस भूल को सुधार कर अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया है।'

11 सदस्यों ने बदले नाम, लिया संकल्प

इस सामूहिक कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं सहित कुल 11 लोगों ने हिस्सा लिया। धर्म वापसी के साथ ही सभी सदस्यों ने अपनी नई पहचान के तौर पर सनातन धर्म के अनुरूप नए नाम भी ग्रहण किए हैं। वहां मौजूद ग्रामीणों ने फूलों की वर्षा कर इन परिवारों का स्वागत किया।

शांति और भाईचारे का संदेश

धर्म जागरण मंच के जिला संयोजक प्रदीप के मुताबिक, यह आयोजन पूरी तरह स्वेच्छा से और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में एकता और अपनी मूल संस्कृति के प्रति गौरव की भावना बढ़ती है। ग्रामीणों का मानना है कि इस घटना ने न केवल धार्मिक आस्था को पुनर्जीवित किया है, बल्कि समुदाय में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है।

Published on:
07 May 2026 02:04 pm