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VIDEO: देशव्यापी हड़ताल का अलवर में भी दिखा असर, मजदूर विरोधी नीतियों का आरोप

ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का असर बुधवार को अलवर जिले में भी देखने को मिला। हड़ताल के समर्थन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैंक, बीमा, डाकघर, परिवहन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों का विरोध किया।

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Jul 09, 2025

ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल का असर बुधवार को अलवर जिले में भी देखने को मिला। हड़ताल के समर्थन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैंक, बीमा, डाकघर, परिवहन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों का विरोध किया।

विरोध में कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा लागू किए जा रहे चार लेबर कोड पूरी तरह मजदूर विरोधी हैं। इनका मकसद यूनियनों की ताकत को कम करना, श्रमिकों से सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार छीनना और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के नाम पर सिर्फ बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाना है।

हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि नए श्रम कानूनों से न तो मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और न ही उन्हें न्यूनतम मजदूरी या स्थायी रोजगार की गारंटी मिलती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चारों लेबर कोड को वापस लिया जाए और मजदूरों से जुड़े फैसलों में यूनियनों से राय ली जाए।

वहीं, निर्माण व ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े मजदूरों ने भी कार्य बहिष्कार कर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। चेतावनी दी कि अगर सरकार ने श्रमिकों की मांगों को नजरअंदाज किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

Updated on:
09 Jul 2025 01:40 pm
Published on:
09 Jul 2025 01:39 pm
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