
विदिशा. जिला जेल के प्रहरी संजय सिंह को लोकायुक्त पुलिस ने ४ हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। प्रहरी एक बंदी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के एवज में 8 हजार रूपए की मांग कर रहा था।
फरियादी तुलसीराम कुशवाह ने बताया कि उसका भांजा राकेश आगजनी प्रकरण में विदिशा जेल में है। वह बीमार है, उसका इलाज के लिए अस्पताल भिजवाने के लिए जेल प्रहरी संजय सिंह रिश्वत मांग रहा था। तुलसीराम ने उसे एक हजार रूपए एडवांस दे दिया था, लेकिन संजय ७ हजार से कम में तैयार नहीं था, संजय का कहना था का डॉक्टर और जेलर को भी देना पड़ते हैं, मुझे तो कुछ बचता ही नहीं है। तुलसीराम ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस भोपाल को की तो लोकायुक्त ने मामले का सत्यापन कर आज दोपहर करीब २.३० बजे अपनी टीम के साथ रैड डाली।
संजय सिंह की ड्यूटी खत्म हो चुकी थी, वह जेल के मुख्य गेट के बाहर आया और तुलसीराम ने उसे 500-500 के नोट दिए। तुलसीराम ने कहा-गिन लो। संजय का जवाब था, विश्वास है। इसी बीच संकेत मिलते ही लोकायुक्त की टीम ने संजय सिंह को दबोच लिया। उससे केमीकल लगे नोट बरामद किए और हाथ धुलवाए। संजय को लोकायुक्त ने गिरफ्तार कर लिया है।
लोकायुक्त टीम के डीएसपी नवीन अवस्थी ने बताया कि तुलसीराम कुशवाह ने २८ जुलाई को शिकायत की थी, उनका भांजा जेल में है और काफी बीमार है। उसे अस्पताल भेेजने के लिए संजय सिंह ८ हजार की रिश्वत मांग रहा है। एसपी लोकायुक्त ने तुलसीराम की शिकायत का सत्यापन कर उसे सही पाया और टीम यहां आई। संजय सिंह को आज ४ हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। लोकायुक्त की टीम में डीएसपी अवस्थी के साथ ही निरीक्षक अवधेश बोहरे, मयूरी गौर, मनोज पटवा, संजय शुक्ला, आरक्षक राजेन्द्र पवन, विजय पांडेय आदि ११ लोग शामिल थे।