
MP News: नक्शा प्रोजेक्ट के तहत भोपाल स्तर से विदिशा शहर को सेक्टर में विभाजित करने का कार्य एक दिन पहले बुधवार को पूरा कर लिया गया। शहर की कुल 28 सेक्टर में विभाजित किया गया है। अब इन सभी सेक्टर को ब्लॉक में विभाजित कर भौतिक सत्यापन का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।
प्रत्येक ब्लॉक के लिए अलग टीम होगी। सभी टीम अलग-अलग सभी ब्लॉक के शासकीय, अशासकीय, संगठनों व समूहों की संपत्तियों के साथ निजी संपत्तियों का अभिलेख तैयार करेंगी। नक्शा प्रोजेक्ट की नोडल अधिकारी व विदिशा तहसीलदार के अनुरसर उम्मीद है कि जल्द ही सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नक्शा अभियान के तहत प्रदेश के 10 शहरी को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। जिले का विदिशा शहर इस प्रोजेक्ट में शामिल है। वर्ष की शुरुआत में फरवरी महीने में ड्रोन सर्वे के साथ इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। ड्रोन सर्वे पूरा होने के बाद अब शहर को सेक्टर और फिर ब्लॉक में विभाजित कर संपत्तियों का सत्यापन किया जाएगा। भौतिक सत्यापन के बाद तैयार संपत्ति के अभिलेखों पर दावा-आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद संपत्ति के अधिकार का प्रपत्र जारी होगा। इससे शहरवासियों के साथ अन्य लोगों को कई तरह की राहत मिलेगी।
नक्शा प्रॉजेक्ट (MP Naksha Project) के तहत शहर को सेक्टर व ब्लॉक में विभाजित किया जा रहा है। इसे शहर विकास का आधार माना जा रहा है। संपत्ति अभिलेख तैयार होने के बाद नगरपालिका को विकास कार्यों में भूमि विवाद जैसे कई अन्य समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। शासकीय भूमि का का भी उचित उपयोग हो सकेगा।
नक्शा प्रोजेक्ट में विदिशा के साथ प्रदेश के 10 सहन शामिल किए गए हैं। इनमें शाहगंज, छनेरा, अलीराजपुर, देपालपुर, धार कोठी मेघनगर, माखन नगर (बाबाई), सांची व उन्हेल शामिल हैं। इन शहरों में मी प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग स्तर पर कार्य चल रहा है।
तहसीलदार एवं प्रोजेक्ट की नोडल अधिकारी प्रीति पंथी ने कहा कि संपत्तियों के सत्यापन व स्वामिता के अभिलेख तैयार करने के लिए टीमों का गठन किया जा चुका है। राजस्व के साथ नगरपालिका का अमला भी टीम में शामिल है। शहर में सभी तरह की संपत्तियों का सत्यापन होगा। टीम सभी घरों में भी जाएगी। निगरानी के लिए कलेक्टर, अपन कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।