
Vidisha News :मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत विदिशा पुलिस ने मंगलवार को दूसरी बड़ी कार्रवाई का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 80 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है। कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से ब्राउन शुगर के अलावा दो मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रिक ऑटो, मोबाइल और नकदी समेत करीब 12.81 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में नशे की सप्लाई का नेटवर्क राजस्थान के झालावाड़ से राजगढ़ होते हुए विदिशा तक आने की जानकारी सामने आई है। खिलचीपुर क्षेत्र से जुड़े सप्लाई लिंक की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब सप्लायर से लेकर स्थानीय स्तर पर नशे की पुड़िया खपाने वाले लोगों तक नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
कोतवाली पुलिस ने दो मामलों में कुल 60 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की। जांबर बागरी के इंडस्ट्रियल पार्क रोड क्षेत्र में 3 अक्टूबर को मोर सिंह तंवर और नारायण कुशवाहा उर्फ बाबा को 20-20 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया। वहीं ढोलखेड़ी-बैरसिया रोड पर संदीप शर्मा और दिनेश मालवीय से 20 ग्राम ब्राउन शुगर व मोटरसाइकिल जब्त की गई। दोनों मामलों में करीब आठ लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया है। सिविल लाइन पुलिस ने दो मामलों में 20 ग्राम ब्राउन शुगर, इलेक्ट्रिक ऑटो, अपाचे मोटरसाइकिल और नकदी समेत करीब 4.81 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया। इन मामलों में योगेश सिंह अहिरवार, सरदार सिंह अहिरवार, विमला बाई, मोहर तंवर, रामप्रसाद, ऋतिक कुशवाहा, अभिषेक करण और कैलाश वाल्मीकि को गिरफ्तार किया गया।
जांच में नशे की डिलीवरी का तरीका भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार ग्राहक से फोन-पे या अन्य डिजिटल माध्यम से भुगतान लेने के बाद वाट्सएप पर लोकेशन भेजी जाती थी। ग्राहक को बताए गए स्थान पर पहुंचने के बाद ब्राउन शुगर की पुड़िया उपलब्ध कराई जाती थी। इस तरह सीधे संपर्क से बचते हुए डिलीवरी की जा रही थी। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल, वाट्सएप संपर्क, कॉल डिटेल और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है। नशे के कारोबार से अर्जित रकम और उससे जुड़े बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ स्वयं मादक पदार्थों का सेवन करते थे। नशे की लत के चलते उनके सप्लाई नेटवर्क से जुड़ने की जानकारी सामने आई है। कुछ मामलों में पारिवारिक और आपसी परिचितों के जरिए कनेक्शन मिलने की बात भी पुलिस ने कही है। इनकी भूमिका और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच जारी है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के मार्गदर्शन में एएसपी मोनिका तिवारी और सीएसपी अतुल सिंह के नेतृत्व में कोतवाली एवं सिविल लाइन पुलिस टीमों ने की।