
मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करती पुलिस (फोटो सोर्स: Patrika)
Ashoknagar News :मध्य प्रदेश के अशोकनगर में से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देगा। जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में 15 घंटे की जिस मासूम नवजात की हत्या पर सुरक्षा व्यवस्था पर भारी बवाल मचा था, उसकी कातिल कोई और नहीं, बल्कि उसे जन्म देने वाली उसकी सगी मां ही निकली। कलयुगी मां ने बेटे की चाहत में अपनी ही फूल सी बच्ची का गला घोंट दिया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
ऐसे खुला 25 गार्ड और दर्जनों कैमरों के बीच हत्या का राज
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर को अस्पताल से सूचना मिली थी कि वार्ड में एक नवजात बच्ची मृत मिली है, जिसके नाक और मुंह से खून आ रहा था। अस्पताल में 25 गार्ड और दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के होने के बावजूद हुई इस वारदात ने हडक़ंप मचा दिया था। पुलिस ने जब शव का पोस्टमार्टम कराया, तो रिपोर्ट में गला घोंटने की पुष्टि हुई। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि प्रसूता वार्ड के अंदर कोई सीसीटीवी नहीं था। इसके बाद पुलिस ने मृतका की मां, दादी (सास) और पिता समेत परिजनों से अलग-अलग पूछताछ शुरु की।
जांच के दौरान पुलिस का शक मां पर गहराने लगा था, लेकिन उसकी तबीयत खराब थी। ऐसे में कोतवाली थाने की महिला पुलिस अधिकारियों ने बेहद संवेदनशीलता के साथ उससे पूछताछ शुरु की। करीब 3 से 4 घंटे की मनोवैज्ञानिक पूछताछ (साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट) के बाद आरोपी मां टूट गई और उसने अपने भयानक जुर्म का इकबाल कर लिया।
पूछताछ में महिला ने बताया कि उसकी पहले से भी एक बेटी है और परिवार में अन्य बच्चियां भी हैं। परिवार में लगातार बेटियां होने के कारण इस बार उसे बेटे की उम्मीद थी। 2 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे जब उसे फिर से बेटी हुई, तो वह मानसिक रूप से बुरी तरह विचलित हो गई। इसी झुंझलाहट में मौका पाकर जब वार्ड में वह और बच्ची अकेले थे, तब उसने अपने ही अंगूठे और उंगली से महज एक दिन की मासूम का गला दबा दिया।
इस जघन्य और दिल दहला देने वाले खुलासे के बाद एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने समाज की संकीर्ण मानसिकता पर नाराजगी जताई। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा, आजकल बच्चियां क्या नहीं कर रही हैं? शिक्षा, सेना, पुलिस, राजनीति से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक, हर क्षेत्र में बेटियां अपना परचम लहरा रही हैं। फिर समाज में ऐसी सोच क्यों? उन्होंने अपील की कि ईश्वर जो भी संतान दे, उसे खुशी-खुशी स्वीकार करें। नवजात की हत्या जैसा जघन्य कृत्य करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, उनकी असली जगह सिर्फ जेल है।
Updated on:
06 Oct 2026 04:44 pm
Published on:
06 Oct 2026 04:23 pm
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