दुनिया में कई ऐसी चीजें हैं जो आपको चौंका सकती हैं। वहीं दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं जिनकी आबादी और इनकी खासियत जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दुनिया में कुल 195 देश हैं, इनमें 193 यूएन यानी संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देश हैं और दो देश ऑबजर्वर हैं। हालांकि कई देश ऐसे भी हैं जो अलग देश होने का दावा करते हैं लेकिन कहीं से मान्यता नहीं है।
दुनिया में कई ऐसे देश हैं जिनकी आबादी के बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। खास बात यह है कि कुछ देश ऐसे भी हैं जिन्हें कहीं से भी मान्यता नहीं मिली है। दरअसल दुनिया में कुल 195 देश हैं। इनमें से 193 देशों संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य हैं। जबकि दो देश ऑबजर्वर हैं। लेकिन इनके अलावा कुछ देश ऐसे हैं जो खुद के अलग राष्ट्र होने का दावा करते हैं, लेकिन उन्हें न तो संयुक्त राष्ट्र से मान्यता है और न ही किसी और देश से। ऐसे स्वघोषित राष्ट्रों को माइक्रोनेशन कहा जाता है। दुनिया के ऐसे ही पांच माइक्रोनेशन के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
अपनी सीमा,अपनी बैंकिंग, अपनी करेंसी
दुनिया के इन माइक्रोनेशन देशों के पास अपनी बॉर्डर है, अपना कानून है, अपनी बैंकिंग व्यवस्था है और अपने सैनिक भी हैं लेकिन उन्हें देश के रूप में न तो यूएन मानता है और न ही पड़ोसी देश।
दुनिया में 65 से ज्यादा 'माइक्रोनेशन'
माइक्रोनेशन मैप के मुताबिक, कुछ साल पहले तक ऐसे देशों की तादाद 67 तक पहुंच चुकी थी। इनमें से कुछ देशों की सीमा बस कुछ एकड़ में सिमटी हुई है।
यह भी पढ़ें - दुखी और आलसी लोगों के लिए बंपर भर्ती, नौकरी का विज्ञापन देख लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन
1. रिपब्लिक ऑफ मोलोसिया
इस देश की आबादी जानकर आप हैरान रह जाएंगे। माइक्रोनेशन की सीमा में कुल 34 जीव रहते हैं। इनमें से 30 इंसान और 4 कुत्ते शामिल हैं। इसकी सीमा कुल 2.28 एकड़ में फैली है।
कुत्तों को भी नागरिकता
ये माइक्रोनेशन अमरीका में नेवादा के पास स्थित है। इस देश का तानाशाह केविन बॉघ है। अलग करेंसी भी है जिसका नाम valora है। इस सिस्टम को चलाने के लिए Bank of Molossia, चिप वाले सिक्के और प्रिंटेड नोट भी हैं। देश में कुत्तों को भी नागरिकता मिलती है। रिपब्लिक ऑफ मोलोसिया दो बार अपना राष्ट्रगान बदल चुका है। इसका झंडा ब्लू, सफेद और हरे रंग के तिरंगे डिजाइन में है।
2. दो टेनिस कोर्ट के बराबर है सीलैंड (Sealand )
नॉर्थ सी में इंग्लैंड के तट से सटा सीलैंड भी माइक्रेनेशन है। ये देश दो विशालकाय पिलर्स पर टिका हुआ है। इंटरनेशनल सी एरिया में होने के कारण ब्रिटिश नेवी ने 1966 में इस जगह को खाली कर दिया। बाद में एक पूर्व सैनिक और एक पाइरेट ने यहां बसावट कर इसे अलग देश घोषित कर दिया। यहां 27 लोग रहते हैं लेकिन 1970 के आसपास यहां की आबादी एक बार 70 तक पहुंच गई थी। यह रियासत सिर्फ दो टेनिस कोर्ट के बराबर आकार की होगी।
3. लिब्रलैंड (Liberland )
लिब्रलैंड क्रोएशिया और सर्बिया के बीच में डैन्यूब नदी के किनारे स्थित है। यहां के नेता हैं विट जेडलिका, जिन्होंने 13 अप्रैल 2015 को इसे स्वतंत्र देश घोषित कर दिया।
यहां की आबादी अब ढाई लाख के आसपास है। यहां के लोगों पर अलग टैक्स, प्रॉपर्टी के कानून और नागरिक अधिकार लागू होते हैं।
4. प्रिंसिपलिटी ऑफ पॉन्टिन्हा (Principality of Pontinha)
अलग देश होने का दावा करने वाले इस माइक्रोनेशन में सिर्फ तीन लोगों की आबादी है। पुर्तगाल में समंदर तट के पास स्थित एक खाली पड़े रॉक टॉप पर एक स्कूल टीचर ने इस इलाके को बसाया और अलग देश के रूप में ऐलान कर दिया।
इसके मालिक ने खुद को प्रिंस घोषित कर दिया और पुर्तगाल पर उसके देश को धमकी देने का आरोप भी लगाया।
5. रिपब्लिका ग्लेशियर (Republica Glaciar)
चिली और अर्जेंटीना के बीच स्थित एक इलाके को खाली देखकर ग्रीनपीस के एक्टिविस्ट्स ने 2014 में इसे अलग देश ही घोषित किया। यहां की आबादी एक लाख है. यहां का अपना पासपोर्ट भी है।
यह भी पढ़ें - डिलीवरी ब्वॉय बन लड़के ने बॉस तक पहुंचाया Resume, पेस्ट्री के डिब्बे पर लिखी ऐसी बात, जानकर आप भी बोलेंगे वाह!