महिला स्वास्थ्य

Turner Syndrome: बार-बार कान का इन्फेक्शन और रुकी हुई हाइट? सिर्फ लड़कियों को अपना शिकार बनाती है ये दुर्लभ जेनेटिक कंडीशन

Turner Syndrome Cause: लड़कियों में कम हाइट और बार-बार कान का इन्फेक्शन होना हो सकता है टर्नर सिंड्रोम (Turner Syndrome)। क्लीवलैंड क्लिनिक और मेयो क्लिनिक से जानिए आखिर क्यों लड़कियों में ही होती है ये समस्या।
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Jun 29, 2026
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लड़कियों में कम हाइट और बार-बार कान का इन्फेक्शन होना हो सकता है टर्नर सिंड्रोम- प्रतीकात्मक तस्वीर (source- freepik)

Turner Syndrome Symptoms: जब किसी लड़की की लंबाई अपनी उम्र के बाकी बच्चों से कम रह जाती है, तो अक्सर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लड़कियों में रुकी हुई हाइट और बार-बार होने वाला कान का इन्फेक्शन किसी मामूली वजह से नहीं, बल्कि एक दुर्लभ जेनेटिक स्थिति के कारण हो सकता है।

इसे टर्नर सिंड्रोम (Turner Syndrome) कहा जाता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, यह एक ऐसी कंडीशन है जो सिर्फ महिलाओं को प्रभावित करती है। आइए क्लीवलैंड क्लिनिक से जानते हैं कि ये क्या होता है और ये महिलाओं में ही क्यों होता है?

क्या होता है टर्नर सिंड्रोम और लड़कियों में ही क्यों होता है?

आमतौर पर एक स्वस्थ इंसान के शरीर में 46 क्रोमोसोम (गुणसूत्र) होते हैं, जो यह तय करते हैं कि हमारा शरीर कैसे विकसित होगा। लड़कियों में दो X क्रोमोसोम (XX) होते हैं। लेकिन टर्नर सिंड्रोम से पीड़ित लड़कियों में या तो एक X क्रोमोसोम पूरी तरह से गायब होता है, या फिर वह अधूरा (डैमेज) होता है। क्योंकि यह क्रोमोसोम से जुड़ी स्थिति है, इसलिए यह केवल लड़कियों में ही पाई जाती है और यह किसी के छूने या साथ रहने से नहीं फैलती।

कैसे पहचानें इसे?

  • कम हाइट (रुकी हुई लंबाई)।
  • बार-बार कान का इन्फेक्शन।
  • शारीरिक बनावट में बदलाव।
  • देर से प्यूबर्टी (यौवन)।

इससे शरीर पर क्या असर पड़ता है?

  • ओवरीज का ठीक से काम न करना।
  • दिल और किडनी की बीमारियां हो सकती है।
  • थायराइड और डायबिटीज
  • हड्डियों की कमजोरी हो सकती हैं।

क्या है इसका इलाज और मैनेजमेंट?

1. ग्रोथ हार्मोन थेरेपी- अगर बचपन में ही इसका पता चल जाए, तो डॉक्टर की सलाह पर ग्रोथ हार्मोन के इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे लड़की की हाइट काफी हद तक बढ़ाई जा सकती है।

2. हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT)- प्यूबर्टी की उम्र (लगभग 11-12 साल) के आसपास लड़कियों को एस्ट्रोजन हार्मोन दिया जाता है, ताकि उनका शारीरिक विकास सही तरीके से हो सके और हड्डियां मजबूत रहें। दिल, किडनी और कान की लगातार डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए ताकि किसी भी बड़ी बीमारी को समय रहते रोका जा सके।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
29 Jun 2026 02:36 pm