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इंसुलिन की कमी से बढ़ सकता है Diabetic Ketoacidosis का जोखिम, CDC से जानें कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास

Diabetic Ketoacidosis: शरीर में इंसुलिन की भारी कमी से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) जैसी नौबत आ सकती है। CDC और मेयो क्लिनिक से जानिए इसके गंभीर लक्षण और बचाव के तरीके।

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भारत

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Nidhi Yadav

Jun 22, 2026

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शरीर में इंसुलिन की भारी कमी से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- freepik)

Diabetic Ketoacidosis: अगर आपको या आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी साबित हो सकती है। कभी-कभी शरीर में इंसुलिन की भारी कमी के कारण Diabetic Ketoacidosis (डायबिटिक कीटोएसिडोसिस) या संक्षेप में DKA हो सकता है। आइए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) और मेयो क्लिनिक से समझते हैं कि ये बीमारी क्या होती है? कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए और इसके लक्षण क्या होते हैं?

क्या होता है डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA)?

जब हमारे शरीर को खून में मौजूद शुगर (ग्लूकोज) से एनर्जी नहीं मिल पाती, तब यह समस्या खड़ी होती है। ऐसा तब होता है जब शरीर में इंसुलिन नाम के हार्मोन की बहुत ज्यादा कमी हो जाती है। इंसुलिन का काम शुगर को कोशिकाओं तक पहुंचाना है ताकि शरीर को ताकत मिल सके। जब इंसुलिन नहीं होता, तो शरीर एनर्जी बनाने के लिए बड़ी तेजी से फैट को तोड़ने लगता है। इस प्रक्रिया में लिवर के अंदर कीटोन्स नाम का एक तेजाबी तत्व बनने लगता है। जब ये कीटोन्स बहुत ज्यादा मात्रा में बनकर खून में जमा हो जाते हैं, तो खून एसिडिक (तेजाबी) हो जाता है, जिसे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस कहते हैं।

Diabetic Ketoacidosis के लक्षण क्या होते हैं?

  • बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना।
  • मुंह और त्वचा का बिल्कुल सूख जाना (Dehydration)।
  • ब्लड शुगर लेवल का बहुत ज्यादा बढ़ जाना (आमतौर पर 240 mg/dL से ऊपर)।
  • यूरिन (पेशाब) टेस्ट करने पर उसमें कीटोन्स का स्तर ज्यादा आना।

जब तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी होता है?

अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो समस्या बढ़ जाती है। मेयो क्लिनिक और CDC के मुताबिक, नीचे दिए गए लक्षण दिखते ही बिना देरी किए मरीज को तुरंत हॉस्पिटल ले जाना चाहिए;

  • सांसों से फलों जैसी खुशबू आना।
  • सांस लेने में तकलीफ।
  • लगातार उल्टी होना और पेट में मरोड़ उठना।
  • दिमागी उलझन और भारी थकावट।

इस बीमारी के बचाव के उपाय क्या हैं?

  • समय पर इंसुलिन और दवाइयां लें।
  • शुगर लेवल चेक करते रहें।
  • कीटोन टेस्ट किट पास रखें।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।