
शरीर में इंसुलिन की भारी कमी से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- freepik)
Diabetic Ketoacidosis: अगर आपको या आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी साबित हो सकती है। कभी-कभी शरीर में इंसुलिन की भारी कमी के कारण Diabetic Ketoacidosis (डायबिटिक कीटोएसिडोसिस) या संक्षेप में DKA हो सकता है। आइए सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) और मेयो क्लिनिक से समझते हैं कि ये बीमारी क्या होती है? कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए और इसके लक्षण क्या होते हैं?
जब हमारे शरीर को खून में मौजूद शुगर (ग्लूकोज) से एनर्जी नहीं मिल पाती, तब यह समस्या खड़ी होती है। ऐसा तब होता है जब शरीर में इंसुलिन नाम के हार्मोन की बहुत ज्यादा कमी हो जाती है। इंसुलिन का काम शुगर को कोशिकाओं तक पहुंचाना है ताकि शरीर को ताकत मिल सके। जब इंसुलिन नहीं होता, तो शरीर एनर्जी बनाने के लिए बड़ी तेजी से फैट को तोड़ने लगता है। इस प्रक्रिया में लिवर के अंदर कीटोन्स नाम का एक तेजाबी तत्व बनने लगता है। जब ये कीटोन्स बहुत ज्यादा मात्रा में बनकर खून में जमा हो जाते हैं, तो खून एसिडिक (तेजाबी) हो जाता है, जिसे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस कहते हैं।
अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो समस्या बढ़ जाती है। मेयो क्लिनिक और CDC के मुताबिक, नीचे दिए गए लक्षण दिखते ही बिना देरी किए मरीज को तुरंत हॉस्पिटल ले जाना चाहिए;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
22 Jun 2026 04:27 pm
Published on:
22 Jun 2026 04:27 pm
