
वेनेजुएला में भूकंप के दो जबरदस्त झटकों ने बुधवार को भारी तबाही मचाई है। इससे कई इमारतें ढह गईं हैं, जिसमें दबकर अब तक 164 लोगों की जान चली गई है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, राजधानी काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में बुधवार सुबह 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और उसके एक मिनट से भी कम समय बाद 7.5 तीव्रता का झटका महसूस किया गया।
काराकस में इमारतों के गिरने के बाद 700 लोग घायल हुए हैं। जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, यह सैंकड़ों तक जा सकती है। वहीं, घायलों की संख्या 10 हजार तक पहुंच सकती है।
बता दे कि इससे पहले काराकस में जोरदार भूकंप साल 1967 में आया था। तब इमारतों के गिरने से 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। बताया जाता है कि काराकास में 29 जुलाई, 1967 को लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे। अचानक जमीन हिलने लगी।
सिर्फ 35 सेकंड में शहर की कई ऊंची इमारतें धड़ाम से गिर गईं। सैकड़ों लोग मलबे के नीचे दब गए। ये भूकंप वेनेजुएला के इतिहास में एक बड़ा सदमा माना जाता है। आज जब वेनेजुएला में नया भूकंप आया है तो लोग 1967 की उस रात को याद कर रहे हैं।
अमेरिका की नेशनल साइंस फाउंडेशन से जुड़ी संस्था के अनुसार उस भूकंप में 200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। कुछ रिपोर्ट्स में ये आंकड़ा 225 से 300 तक बताया गया है।
इसमें करीब 1500 लोग घायल हुए। ज्यादातर मौतें आधुनिक ऊंची इमारतों के गिरने से हुईं। अल्तामिरा और लॉस पालोस ग्रांदेस जैसे इलाकों में तबाही सबसे ज्यादा थी।
यह भूकंप शाम 8 बजे आया था, तब लोग घरों में खाना खा रहे थे या टीवी देख रहे थे। अचानक सब कुछ हिलने लगा। लोग चीखते-चिल्लाते बाहर भागे। मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू टीम दिन-रात काम करती रही।
इसमें संपत्ति का नुकसान करीब 5 से 14 करोड़ डॉलर का हुआ। उस समय के हिसाब से ये बहुत बड़ी रकम थी। सरकार को नई इमारतों के लिए सख्त नियम बनाने पड़े।